सुर्खियां: अबूझमाड़ में जान हथेली पर रख लाते हैं राशन, बिजली कटौती के विरोध में BJP का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर में जिले के नक्सल पीड़ित अबूझमाड़िया अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लामबंद होने लगे हैं.

News18 Chhattisgarh
Updated: June 17, 2019, 9:22 AM IST
सुर्खियां: अबूझमाड़ में जान हथेली पर रख लाते हैं राशन, बिजली कटौती के विरोध में BJP का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर में जिले के नक्सल पीड़ित अबूझमाड़िया अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लामबंद होने लगे हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
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Updated: June 17, 2019, 9:22 AM IST
छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर में जिले के नक्सल पीड़ित अबूझमाड़िया अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लामबंद होने लगे हैं. सिर छिपाने के लिए आशियाना और सुरक्षित माहौल में रहने के लिए जिला प्रशासन से जमीन की मांग कर रहे हैं. वहीं बच्चों की बेहतर तालीम के लिए स्कूलों और आंगनवाड़ी में प्रवेश के लिए नक्सल पीड़ितों को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है. इस खबर को सोमवार के अंक​ में नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

नईदुनिया ने लिखा- पेट की आग बुझाने के लिए जान हथेली पर रखकर अबुझमाड़ में राशन दुकान जाने वाले ग्रामीण अब अपना जीवन दांव पर नहीं लगाना चाहते हैं. इसके लिए ग्रामीण माड़ की राशन दुकान को जिला मुख्यालय की राशन दुकान में शिप्ट करवाना चाह रहे हैं. बीते शनिवार की शांति नगर में हुई नक्सल पीड़ितों की बैठक में इस मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया. मंगलवार को नक्सल पीड़ितों का एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर पीएस एल्मा और एसपी मोहित गर्ग से मिलकर अपनी मांगों को रखेगा.

जिला मुख्यालय में डेरा
नईदुनिया ने लिखा है- नक्सल पीड़ितों ने बताया कि पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों की तरह तरह की यातनाएं झेलने के बाद उनका पूरा परिवार जिला मुख्यालय में डेरा डाला हुआ है. जिला प्रशासन द्वारा शुरुआती दिनों में नक्सल पुनर्वास नीति के तहत प्रकरण बनाकर थोड़ी बहुत आर्थिक सहायता प्रदान की गई, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा है. कई लोगों की रिपोर्ट भी थाना में दर्ज नहीं हो पाई है, जिससे नक्सल पीड़ित होने का सबूत लोगों को नहीं मिल पाया है.

हरिशंकर परसाई की लॉटरी
दैनिक भास्कर ने लिखा है- प्रख्यात साहित्यकार हरिशंकर परसाई की मौत के बाद उनकी रचनाओं पर मिलने वाली रायल्टी में हिस्सा अब उनकी भतीजी बिलासपुर निवासी अमिता शर्मा को भी मिलेगा. जिला एवं सत्र न्यायालय जबलपुर के एक फैसले में उन्हें रायल्टी का हकदार माना गया है. इस अधिकार के लिए बिलासपुर की अमिता ने 16 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी. वहीं अब तक रायल्टी ले रहे भांजे प्रकाश दुबे को कोर्ट ने 2000 से अब तक का हिसाब मांगा है. उन्हें 25 जून तक कोर्ट में जानकारी प्रस्तुत करनी है. जबलपुर निवासी हरिशंकर परसाई की रचनाओं पर मिलने वाली रायल्टी को लेकर जबलपुर जिला न्यायालय के सोलहवें अपर जिला सत्र न्यायाधीश वारींद्र कुमार तिवारी के कोर्ट से महत्वपूर्ण फैसला आया है. इसमें रायल्टी की राशि अब परसाई परिवार के वैध उत्तराधिकारियों के बीच बराबर बंटेगी. ख्यातिलब्ध साहित्यकार परसाई की मौत 10 अगस्त 1995 को हुई थी.

बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन
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प्रदेश में बिजली कौटती को लेकर भारतीय जनता पार्टी 22 जून को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी. बीजेपी कार्यसमिति की बैठक 16 जून को राजधानी रायपुर के प्रदेश कार्यालय में हुई. इस बैठक के बाद प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है. प्रदर्शन की रूपरेखा पदाधिकारियों द्वारा तैयार की जा रही है. नईदुनिया, दैनिक भास्कर, नवभारत, ​हरिभूमि सहित अन्य अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

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First published: June 17, 2019, 8:15 AM IST
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