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Chhattisgarh News: बघेल सरकार की 'कैंप-स्ट्रेटजी' ला रही है रंग, शिविरों से ग्रामीणों तक पहुंच रही सुविधायें

विकास, विश्वास और सुरक्षा के सिद्धांत पर आधारित भूपेश बघेल सरकार का यह कदम काफी कारगर साबित हो रहा है.

विकास, विश्वास और सुरक्षा के सिद्धांत पर आधारित भूपेश बघेल सरकार का यह कदम काफी कारगर साबित हो रहा है.

Baghel Government News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में बरसों से आवश्यक सरकारी सेवाओं की कमी से जूझ रहे ग्रामीणों को अब राहत मिलने लगी है. बघेल सरकार ने अब यहां 'कैंप-स्ट्रेटजी' अपनाकर सरकारी सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने अभियान चलाया है.

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    रायपुर. बरसों से आवश्यक सुविधाओं से वंचित रहे छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग (Bastar Division) में भी अब सरकारी सेवायें (Government Services) पहुचंने लग गई हैं. सरकार यहां शिविरों के माध्यम (Camp-Strategy-) से ग्रामीणों को आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड बनाकर और पेंशन प्रकरणों का निस्तारण कर राहत पहुंचाने में जुटी है. यहां तक कि कई जगह तो इन शिविरों तक ग्रामीणों को लाने और वापस छोड़ने के लिये वाहन की व्यवस्था भी की गई. इसका नतीजा यह रहा कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण कई स्थानों पर शिविरों की निर्धारित अवधि को भी आगे बढ़ाना पड़ा. आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया जाएगा.

    दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राज्य के अंदरुनी गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने लिए अपनाई गई कैंप-स्ट्रेटजी काफी कारगर साबित हो रही है. बस्तर संभाग में सात जिले हैं. ये सातों ही जिले देश के आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल हैं. जनजातीय बहुलता वाले सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर (जगदलपुर) और कांकेर जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल गतिविधियों के कारण अंदरुनी गांवों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच हमेशा चुनौती भरा काम रहा है.

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    विकास, विश्वास और सुरक्षा का सिद्धांत
    इसको देखते हुये भूपेश बघेल सरकार ने बस्तर संभाग के विकास के लिए परंपरागत तौर-तरीकों से हटकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कैंप-स्ट्रेटजी अपनाने का यह फैसला किया. विकास, विश्वास और सुरक्षा के सिद्धांत पर आधारित सरकार का यह कदम काफी कारगर साबित हुआ. इसके तहत नक्सल प्रभावित अंदरुनी क्षेत्रों में सुरक्षा का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह सुरक्षा-बलों के कैंप स्थापित किए गए हैं. वहीं अब इन सुरक्षा-कैपों की वजह से जनसुविधाओं से संबंधित अन्य कैंपों के लिए भी रास्ता खुल गया है. यहां अब मोबाइल क्लीनिकों के माध्यम से अब अंदरुनी क्षेत्रों के हाट-बाजारों में मेडिकल-कैंप लगाने भी शुरू कर दिये गये हैं. इन शिविरों में ग्रामीणों को निशुल्क जांच, उपचार और दवाइयों की सुविधा मिलने लगी है.

    बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा लघु वन उपजों का संग्रह होता है
    छत्तीसगढ़ राज्य में देश में सबसे ज्यादा लघु वन उपजों का संग्रहण किया जाता है. राज्य में सबसे ज्यादा लघु वन उपजों का संग्रह बस्तर संभाग के इन्हीं सातों जिलों में ही होता है. बेहतर रणनीति से अब यहां ज्यादा व्यवस्थित और संगठित तरीके से लघु वन उपजों का संग्रहण हो रहा है. इन सब प्रयासों से बस्तर संभाग के अंदरुनी इलाकों में नक्सल गतिविधियों के कारण बंद पड़े सैकड़ों स्कूलों को दोबारा शुरू करने में भी सरकार को खासा कामयाबी मिली है.

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