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भीमा मंडावी हत्याकांड: दूसरी बार बढ़ा न्यायिक आयोग का कार्यकाल, जांच रिपोर्ट पर उठा था सवाल
Raipur News in Hindi

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: February 8, 2020, 5:21 PM IST
भीमा मंडावी हत्याकांड: दूसरी बार बढ़ा न्यायिक आयोग का कार्यकाल, जांच रिपोर्ट पर उठा था सवाल
मालूम हो कि घटना उस समय की है जब मंडावी दंतेवाड़ा के विधायक थे. (File Photo)

मगर पहले तीन और अब दूसरी बार 6 महीने के लिए आयोग का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है.

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 रायपुर. दंतेवाड़ा (Dantewada) के पूर्व बीजेपी विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड में गठित न्यायिक आयोग (Judicial Commission) का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ा दिया गया है. राज्य सरकार ने आदेश जारी करते हुए आयोग का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाते हुए 9 अगस्त 2020 तक के लिए कर दिया है. आयोग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाने पर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. दरअसल, भीमा मंडावी हत्याकांड (Bhima Mandavi Case) के बाद जस्टिस सतीश के. अग्निहोत्री की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का जब गठन किया गया था तब जांच के लिए तीन माह की समय सीमा तय की गई थी. मगर पहले तीन और अब दूसरी बार 6 महीने के लिए आयोग का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. मालूम हो कि घटना उस समय की है जब मंडावी दंतेवाड़ा के विधायक (MLA) थे.


आयोग पेश कर चुकी है प्रारंभिक जांच रिपोर्ट



न्यायिक जांच आयोग ने अपने दूसरे कार्यकाल में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (Investigation Report) पेश की थी, जिसमें एक तरह से पुलिस को क्लीनचिट दे दी गई है. आयोग ने तब रिपोर्ट में लिखा था कि भीमा मंडावी की मौत ना तो किसी साजिश का हिस्सा था और ना ही विधायक की सुरक्षा में कोई लापरवाही की गई थी. इसके साथ ही रिपोर्ट में करीब आधा दर्जन बातें उल्लेखित थी जो किसी भी तरह सी साजिश से इंकार किया गया था.


प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर हुआ था बवाल-राष्ट्रपति से हुई थी शिकायत

भीमा मंडावी हत्याकांड के बाद खाली हुई दंतेवाड़ा सीट पर हुए उपचुनाव से ठीक पहले न्यायिक जांच आयोग की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई थी, जिस पर बीजेपी ने कड़ा एतराज जताते हुए न्यायिक जांच आयोग भंग करने और कार्रवाई करने की मांग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग और राष्ट्रपति से शिकायत की थी. बीजेपी नेताओं ने अपने शिकायत में कहा था कि 23 सितंबर 2019 को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले आयोग की रिपोर्ट का सार्वजनिक होना महज कोई इत्तेफाक नहीं है बल्कि कांग्रेस शासनकाल में हुए हत्याकांड से सरकार पर लगे दाग को धोने की एक साजिश है.




भीमा मंडावी हत्याकांड के बाद खाली हुई दंतेवाड़ा सीट पर हुए उपचुनाव से ठीक पहले न्यायिक जांच आयोग की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई थी




परिजनों ने न्यूज़ 18 के माध्यम से की थी सीबीआई जांच की मांग


भीमा मंडावी हत्याकांड के बाद न्यूज़ 18 ने दिवंगत नेता के गृहग्राम गदापाल पहुचंने वाला पहला न्यूज चैनल था, दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर दुर्गम रास्तों से अतिमाओवाद प्रभावित क्षेत्र गदापाल जैसे ही न्यूज़ 18 की टीम पहुंची लोग भौच्चके हो गए कि आखिरकार इतने बीहड़ में न्यूज चैनल कैसे पहुंचा. मगर न्यूज 18 के हौसलों को सलाम करते हुए ग्रामीणों ने खुल कर पूरी बातचीत करते हुए बताया कि कैसे भीमा मंडावी को लगातार धमकी दी जा रही है. न्यूज़ 18 की टीम जब भीमा मंडावी के घर पहुंची थी तो उनके परिजन भावुक हो गए थे और न्यूज़ 18 से बात करते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी.


09 अप्रैल 2019 को हुई थी भीमा मंडावी की हत्या


बस्तर के 12 में से महज एक सीट पर काबिज दंतेवाड़ा से बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या 09 अप्रैल 2019 को उस वक्त हुई जब वे लोकसभा चुनाव प्रचार से जिला मुख्याल दंतेवाड़ा लौट रहे थे. जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नकुलनार के श्यामगिरी गांव के पास आईईडी लगाकर उनके काफिले को उड़ा दिया गया था. इसमें विधायक भीमा मंडावी उनके ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद तात्कालिक एंटी नक्सल ऑपरेशन के डीजी गिरधारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया था भीमा मंडावी को अलर्ट किया गया था, स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा उन्हें नक्सल मूवमेंट की जानकारी देते हुए दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी.




पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी.




जांच को लेकर केंद्र और राज्य हुए थे आमने-सामने


भीमा मंडावी हत्याकांड की जांच को लेकर राज्य और केंद्र आमने-सामने हो गए थे. राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन किया था, तो वहीं केंद्र ने 17 मई 2019 को एनआईए जांच की घोषणा की थी, जिस पर राज्य सरकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए राज्य पुलिस को जांच का अधिकार देने की बात कही थी. मगर कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी को खारिज कर दिया था, फिलहाल पूरे मामले की जांच एनआईए और न्यायिक जांच आयोग कर रही है.






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First published: February 8, 2020, 4:00 PM IST
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