EXCLUSIVE: आवास भत्ते के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार, छत्तीसगढ़ के इन नामी विधायकों पर लगा आरोप

विधायकों पर राजधानी रायपुर में आवास आवंटित कराने के बाद भी पूरे कार्यकाल के दौरान तीस हजार रूपए प्रतिमाह की दर से आवास भत्ता लेने का आरोप लगा है.

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: May 7, 2019, 7:17 PM IST
EXCLUSIVE: आवास भत्ते के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार, छत्तीसगढ़ के इन नामी विधायकों पर लगा आरोप
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Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: May 7, 2019, 7:17 PM IST
छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक हो रहे गड़बड़ी और घोटालों के खुलासों के बीच आवास भत्ता के नाम पर हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर दो विधायकों ने आवास भी आवंटित कराया और प्रति माह आवास भत्ता भी लिया. आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर एक्टिविस्ट अभिषेक सिंह ने छत्तीसगढ़ चतुर्थ विधानसभा के दो सदस्य कांग्रेस विधायक अरूण वोरा और बीजेपी विधायक सरोजनी बंजारे पर आवास आवंटन के नाम पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है. दरअसल दोनों विधायकों पर राजधानी रायपुर में आवास आवंटित कराने के बाद भी पूरे कार्यकाल के दौरान तीस हजार रूपए प्रतिमाह की दर से आवास भत्ता लेने का आरोप लगा है. जबकि नियमों के मुताबिक आप या तो आवास ले सकते हैं या फिर आवास के बदले में तीस हजार रूपए मासिक भत्ता मिलता है. लेकिन आरटीआई एक्टिविस्ट अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया है कि इन विधायकों ने को न सिर्फ आवास आवंटित हुआ है बल्कि इन्होने आवास के बदले में मासिक भत्ता भी लिया है. इस पूरे मामले में पूर्व बीजेपी सरोजनी बंजारे का कहना है कि जनता को बेहतर समझने के लिए अपने पास रहने होता है, ऐसे में आवास की जरुरत को पड़ती ही है. वहीं पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय एक विधायक को ही आवास मिल सकता है. दोनों में से कोई एक ही सुविधा मिलने की पात्रता होती है, दोनों की नहीं.
इन विधायकों पर लग रहे हैं आरोप:



कांग्रेस विधायक अरूण वोरा-

विधानसभा क्षेत्र- दुर्ग- 64,

दिनांक 24 फरवरी 2014
रायपुर के अयोध्या परिसर में आवास क्रमांक डी- 6 आवंटित किया गया,
8 अक्टूबर 2014 से 19 मार्च 2019 तक लगातार आवास भत्ता लेते रहे, वह भी तीस हजार रूपए प्रतिमाह.
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बीजेपी विधायक सरोजनी बंजारे-

विधानसभा क्षेत्र - डोंगरगढ़- 74,
दिनांक 14 फरवरी 2014
रायपुर के अयोध्या परिसर में आ‌वास क्रमांक एफ-4 आवंटित किया गया
दिनांक 22 मार्च 2014
डोंगरगढ़ में एफ टाइप शासकीय आवास आवंटित किय गया.
6 फरवरी 2015 से 15 जनवरी 2019 तक आवास भत्ता लेती रहीं, वह भी तीस हजार रूपए प्रतिमाह.

इस पूरे मामले में कांग्रेस और भाजपा ने भी अपनी दलीलें दी है. कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि कोई किसी भी दल का हो. नियम सबके लिए समान है. या तो आवास मिलता है या तो अपको भत्ता मिलता है. ये मामले सीधे तौर पर शासकीय धन का गलत तरीके से उपयोग का मामला है. इस मामले पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि निश्चित रूप से बड़ी गलती है. निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा ऐसा करना गलत है. मुझे लगता है सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए.

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