होम्योपैथिक दवा खाने से 8 लोगों की मौत के मामले में हुआ बड़ा खुलासा, जानें क्‍यों ली थी ड्रोसेरा 30?

होम्योपैथिक दवा खाने से 8 की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

होम्योपैथिक दवा खाने से 8 की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

Chhattisgarh News: होम्योपैथिक दवाई ड्रोसेरा 30 में 91 फीसदी तक अल्कोहल होता है जो देसी शराब के साथ मिलाया जाता है. डॉक्‍टरों का कहना है क‍ि इसको लेना काफी खतरनाक हो जाता है और कई मामलों में ये लेने वालों के लिए जहर का काम भी करती है.

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छत्‍तीसगढ़ के के बिलासपुर में होम्योपैथिक दवा खाने से एक पर‍िवार के आठ लोगों की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है क‍ि शराब नहीं मिलने पर इन लोगों ने नशीला सिरप प‍िया था. बताया जा रहा है क‍ि गांव मे कई लोगों ने ये स‍िरप प‍िया था ज‍िनमें से कई गंभीर हैं और उनका इलाज चल रहा है. इतना ही नहीं गांववालों के इलाज के लिए गांव में ही मेडिकल कैम्प लगा ल‍िया गया है और पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को ग‍िरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने बताया है क‍ि छत्तीसगढ के बिलासपुर के कोरमी गांव में शराब नहीं मिलने पर होमियोपैथी की एक नशेली सिरप पीने के चलते 8 लोगों की मौत हो गई और वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार है, जिनका इलाज जारी है. इस मामले में पुलिस ने लोगों को 91 प्रतिशत अल्कोहोल वाली सिरप देने वाले झोलाछाप बंगाली डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. बिलासपुर के सिरगिट्टी थाने के अंतर्गत आनेवाले कोर्मी गांव का यह मामला है.

यहां रहने वाले धुरी परिवार के 9 युवकों ने शराब नहीं मिलने पर एक साथ होमियोपैथी की नशीली सिरप पि‍या,  जिसमें 91 प्रतिशत अल्कोहोल था. इसका सेवन 4 मई की रात को बड़ी मात्रा में किया गया था. इसके बाद अचानक युवकों की तबियत बिगड़ी और 4 युवकों ने घर मे ही दम तोड़ दिया. पर‍िवारवालों ने समझा क‍ि इन युवकों को कोरोना हुआ है और यह मानकर घरवालों ने बुधवार को इनका अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं 4 लोगों ने गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई.

इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस जब गांव पहुंची तो जांच में सामने आया है कि गांव के इन युवकों ने गांव के ही एक होमियोपैथिक के डॉक्टर से यह नशीली सिरप ल‍ी थी. यही नहीं गांव के कई लोगों ने नशे के लिए इसका सेवन किया. इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. वही गांव में मेडिकल कैम्प लगाकर कर सिरप पीने वाले लोगों का इलाज जारी है. छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के चलते शराबबंदी चल रही और नशे की लत को पूरा करने लोगों द्वारा सैनिटाइजर और इस तरह नशीली सिरप पीने के मामले सामने आ रहे है. छत्तीसगढ के रायपुर में भी 3 दिनों पहले 4 लोगो द्वारा स्पिरिट मिलाकर सैनिटाइजर पीने का मामला सामने आया था जिसमे 3 लोगो की मौत हो गई थी.
ब‍िलासपुर एएसपी उमेश कश्यप ने बताया क‍ि जानकारी मिली थी गुरवार को गांव मे 4 लोगोंं की मौत हो गई थी. पुलिस गांव में पहुंची तो प्राथमिक तौरपर इन युवकों द्वारा शराब नहीं मिलने पर होमियोपैथिक की सिरप म‍िली, जिसमें 91 प्रतिशत अल्कोहोल था. इसमे पानी मिलाकर इसके सेवन करने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद बाकी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. जहां 4 लोगों की मौत हुई. गांव में जब तफ्तीश की गई तो कई लोगों द्वारा इस सिरप के सेवन का मामला सामने आया, जिसमे से कई गंभीर है. मेडिकल कैम्प लगाकर सबका इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है. किस-किस ने सिरप प‍िया उनकी जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम हुआ है आगे जांच में सामने आएगा.

ये थी दवाई

सीएमओ ने बताया कि पूरे परिवार ने होम्योपैथिक दवाई ड्रोसेरा 30 ली थी. इस 91 फीसदी तक अल्कोहल होता है जो देसी शराब के साथ मिलाया जाता है. इससे इसको लेना काफी खतरनाक हो जाता है और कई मामलों में ये लेने वालों के लिए जहर का काम भी करती है.

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