राजधानी में पानी की टैंकर खरीदी में बड़ा घोटाला
Raipur News in Hindi

राजधानी में पानी की टैंकर खरीदी में बड़ा घोटाला
राजधानी में पानी की टैंकर खरीदी में बड़ा घोटाला

पूरी गर्मी बीत जाने के बाद रायपुर नगर निगम ने पानी टैंकर और ट्रैक्टरों की खरीदी की है, जिसमें बड़ा घोटाला सामने आया है.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पूरी गर्मी बीत जाने के बाद नगर निगम ने पानी टैंकर और ट्रैक्टरों की खरीदी की है, जिसमें बड़ा घोटाला सामने आया है. आपको बता दें कि बिना एमआईसी में प्रस्ताव लाए ये खरीदी की गई है. साथ ही उससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि टैंकर जब वर्कशॉप में खड़े किए गए, तब जाकर महापौर, उनकी परिषद और बाकी जनप्रतिनिधियों को इसका पता चला.

उपनेता प्रतिपक्ष रमेश सिंह ठाकुर का कहना है कि भीषण गर्मी में जब लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे, तब नगर निगम को टैंकर खरीदने की याद नहीं आई. अब किराए के टैंकरों का लाखों रुपए फूंकने के बाद थोक के भाव में पानी टैंकर मंगाए गए हैं, वह भी एमआईसी की जानकारी के बगैर. उन्होंने कहा कि रायपुर नगर निगम में मनमानी की पूरी छूट है. इसलिए टैंकर खरीदी की जानकारी महापौर, उनकी परिषद् और तमाम जनप्रतिनिधियों को भी नहीं थी. अब जब राजधानी में भीषण गर्मी बीत चुकी है और मानसून ने दस्तक दे दी है तब जाकर नगर निगम ने 20 ट्रैक्टर, 7 पानी के टैंकरों की खरीदी कर रहा है.

जानकारी के मुताबितक जल कष्ट निवारण मद 2018-19 के तहत इन ट्रैक्टरों और टैंकरों की खरीदी हुई है. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर किसने इन टैंकरों की खरीदी मंजूरी दी ? साथ ही अब इनकी उपयोगिता क्या होगी ? निगम के उपनेता प्रतिपक्ष का कहना है कि टैंकरों की जब जरूरत थी तब नहीं मंगाए गए और अब ये टैंकर ऐसे ही धूल खाते वर्कशॉप में ही पड़े रहेंगे. उपनेता प्रतिपक्ष ने इसे प्रशासनिक चूक के साथ महापौर की निष्क्रियता बताई है.



इधर, निगम कमिश्नर रजत बंसल ने ये दलील दी है कि सामान्य मद से टैंकरों की खरीदी हुई है और निगम को किराया न भरना पड़े इसलिए टैंकर खरीदे गए हैं. गर्मी बीतने के बाद पौधों को पानी सींचने के लिए टैंकर का उपयोग किया जाएगा. हांलाकि इस मसले पर महापौर प्रमोद दूबे ने आयुक्त को नोटशीट भेजकर दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading