दंतेवाड़ा में हो रहे आदिवासियों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बघेल ने दिया ये बड़ा बयान

आदिवासियों के आंदोलन पर अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक बड़ा बयान सामने आया है.

News18 Chhattisgarh
Updated: June 8, 2019, 1:53 PM IST
दंतेवाड़ा में हो रहे आदिवासियों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बघेल ने दिया ये बड़ा बयान
दंतेवाड़ा में रहे आदिवासियों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बघेल ने एक बड़ा बयान दिया है.
News18 Chhattisgarh
Updated: June 8, 2019, 1:53 PM IST
दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला के नंदीराज पहाड़ों पर लौह अयस्क उत्खनन के विरोध में शुक्रवार से ही आदिवासियों का आंदोलन जारी है. आदिवासियों के खदान विरोधी संघर्ष के तहत शुक्रवार को हजारों की संख्या में आंदोलनकारी किरंदुल में जमा हुए और एनएमडीसी चेकपोस्ट का घेरवा कर लिया. आदिवासियों का ये आंदोलन शनिवार को भी जारी है. इस प्रदर्शन के कारण एनएमडीसी का उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. आदिवासियों के इस आंदोलन को राजनीतिक दल, ट्रेड यूनियन और कर्मचारी संगठन का साथ मिलने की बात भी कही जा रही है. अब इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक बड़ा बयान सामने आया है. मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम बघेल ने कहा कि बेलाडीला में अयस्क खनन की सारी प्रक्रिया पिछली सरकार ने किया है. अब इस बात की समीक्षा करनी होगी कि आखिरकार लोगों को बिना विश्वास में लिए पिछली सरकार ने इतना बड़ा निर्णय कैसे ले लिया. पूरी प्रक्रिया की पड़ताल करने की जरूरत है.

ये है पूरा मामला

दरअसल दंतेवाड़ा के बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदाराज पहाड़ पर स्थित एनएमडीसी की डिपॉजिट-13 नंबर खदान को अडानी की कंपनी को दिए जाने के बाद होने वाले खनन का विरोध आदिवासियों ने शुरू कर दिया है. नंदाराज पहाड़ को बचाने के लिए सर्व ग्राम पंचायत ने आंदोलन की तैयारी की है. जन संघर्ष समिति के बैनर तले आदिवासी एनएमडीसी का घेराव कर रहे है. डिपॉजिट 13 के निजीकरण का शुरू से विरोध कर रहे ट्रेड यूनियन भी आंदोलन के समर्थन में हैं. मिली जानकारी के मुताबिक अडानी ग्रुप ने सितंबर 2018 को बैलाडीला आयरन ओर माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी बीआईओएमपीएल नाम की कंपनी बनाई और दिसंबर 2018 को केन्द्र सरकार ने इस कंपनी को बैलाडीला में खनन के लिए 25 साल के लिए लीज दे दी. बैलाडीला के डिपॉजिट 13 में 315.813 हेक्टेयर रकबे में लौह अयस्क खनन के लिए वन विभाग ने वर्ष 2015 में पर्यावरण क्लियरेंस दिया है. जिस पर एनएमडीसी और राज्य सरकार की सीएमडीसी को संयुक्त रूप से उत्खनन करना था. लेकिन बाद में इसे निजी कंपनी अडानी इंटरप्राइजेस लिमिटेड को 25 साल के लिए लीज हस्तांतरित कर दिया गया.

ये भी पढ़ें: पूर्व सीएम अजीत जोगी ने कहा- अपने जन-जंगल-जमीन पर आदिवासियों का ही अधिकार

ये भी पढ़ें: त्तीसगढ़: NIA ने राज्य सरकार से मांगी विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड की पूरी डिटेल

ये भी पढ़ें: बिजली कटौती की समस्या को लेकर प्रदर्शन, गरियाबंद में भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण

ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: क्या महज सत्ता तक पहुंचने की 'सीढ़ी' बनकर रह गया है नक्सलवाद? 
Loading...

ये भी पढ़ें: कांग्रेस सरकार ने बदला 10 साल पुराना राज्य स्लोगन, अब 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' पर राजनीति शुरू 

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स      
First published: June 8, 2019, 1:53 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...