चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

छत्तीसगढ़ प्रदेश में साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारियों में जुट गईं हैं. इसी क्रम में चुनाव से पहले बीजेपी डैमेज कंट्रोल करने में जुट गई हैं.

Surendra Singh
Updated: April 17, 2018, 11:23 AM IST
चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी
चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी
Surendra Singh
Updated: April 17, 2018, 11:23 AM IST
छत्तीसगढ़ प्रदेश में साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारियों में जुट गईं हैं. इसी क्रम में चुनाव से पहले बीजेपी डैमेज कंट्रोल करने में जुट गई हैं. ऐसे में बीजेपी को एससी और एसटी वर्ग की नाराजगी चुनाव से पहले सताने लगी है और ये नाराजगी बीजेपी को भारी भी पड़ सकती है.

मालूम हो कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों में से 39 सीटें एससी और एसटी वर्ग से आरक्षित हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार के भू-राजस्व अधिनियम के समय से आदिवासी वर्ग के मन में बना गुस्सा अभी भी बरकार है. इसी गुस्से को ठंडा करने के लिए अब बीजेपी की केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथों में लिया है.

मामले में बीजेपी प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी का कहना है कि जाति के जो भेद हैं, उसे मिटाने के ऊपर जोर था. दलितों के साथ खड़े रहने की बात की जा रही थी.

वहीं कांग्रेस पिछले 15 सालों से सत्ता का सपना संजोए बैठी है. लिहाजा, इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन को पाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. कांग्रेस मानती है कि बीजेपी सरकार से प्रदेश के सभी वर्ग नाराज हैं. इसकी बड़ी वजह इन वर्गों की अपेक्षाओं पर बीजेपी सरकार खरा न उतर पाना है. वहीं राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि बीजेपी सरकार से एससी और एसटी समेत पिछड़ा वर्ग भी असंतुष्ट है. इसलिए बीजेपी घर सुधार अभियान चला कर इन वर्गों को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है.

 

बहरहाल, राजनीतिक दलों को वर्ग विशेष की राजनीति को छोड़कर विकास की बात करनी होगी, नहीं तो आगामी विधानसभा के चुनाव में जनता उन्हें आईना जरुर दिखा देगी.
IBN Khabar, IBN7 और ETV News अब है News18 Hindi. सबसे सटीक और सबसे तेज़ Hindi News अपडेट्स. Chhattisgarh News in Hindi यहां देखें.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर