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लोकसभा चुनाव 2019: आचार संहिता के कारण रायपुर के इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगा ब्रेक

लोकसभा चुनाव का ऐलान होते ही राजनीतिक दलों में दल-बदल का खेल भी शुरू हो गया है. यह सिलसिला बीजेपी और कांग्रेस में कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. वहीं कुछ ऐसे भी नेता हैं जिनके पिता या अन्य रिश्तेदार किसी पार्टी में लंबे समय तक जुड़े रहे हैं, लेकिन अब वे आरोप प्रत्यारोप की आड़ में अपना पाला बदल रहे हैं.

लोकसभा चुनाव का ऐलान होते ही राजनीतिक दलों में दल-बदल का खेल भी शुरू हो गया है. यह सिलसिला बीजेपी और कांग्रेस में कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. वहीं कुछ ऐसे भी नेता हैं जिनके पिता या अन्य रिश्तेदार किसी पार्टी में लंबे समय तक जुड़े रहे हैं, लेकिन अब वे आरोप प्रत्यारोप की आड़ में अपना पाला बदल रहे हैं.

विधानसभा चुनाव से पहले इन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हुआ था और निर्माण के डेड लाइन भी तय की गयी थी.

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते राजधानी के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर ग्रहण लग गया है. ऑक्सीजोन, एक्सप्रेस-वे और स्काई वॉक का काम रूक गया है और अब मई में आचार संहिता हटने के बाद ही इन सभी प्रोजेक्ट्स का कुछ हो पाएगा.

प्रोजेक्ट 1

ऑक्सीजोन- रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 18 एकड़ में बने ऑक्सीजोन का काम लगभग पूरा हो चुका है. शहर के बीच में पेड़-पौधों के साथ लोगों के लिए ओपन एयर जिम, चिल्ड्रन पार्क और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है लेकिन काम पूरा होने के बावजूद पूरा ऑक्सीजोन सूना है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सरकार ने ऑक्सीजोन का लोकर्पण किए बगैर इसका नामकरण अटल स्मृति वन के नाम से कर दिया था. शायद इसलिए कांग्रेस सरकार ने लोकसभा से पहले इसके लोकार्पण पर ध्यान ही नहीं दिया.



प्रोजेक्ट 2
एक्सप्रेसॉ-वे- मौजूदा शहर से नया रायपुर तक 22 किलोमीटर के नौरोगेज एक्सप्रेस-वे में स्टेशन से माना तक सड़क बनाई गई है यहां शहर के आउटर में फोरलेन का काम पूरा हो चुका है लेकिन शहर के भीतर का पेंच अब भी फंसा हुआ है. सड़क बनने से राजधानी का बड़ा ट्रैफिक डायवर्ट होता और शहर के भीतर भी ट्रैफिक से राहत मिलती. लेकिन इसका भी काम अब रूक गया है और मामला हाईकोर्ट तक चला गया है. ऐसे में अगर हाईकोर्ट से भी मामला सुलझ जाता है तो भी आचार संहिता के चलते इसका लोकार्पण नहीं हो पाएगा.

प्रोजेक्ट 3

स्काई वॉक- राजधानी का ये अब तक का सबसे विवादित प्रोजेक्ट रहा है. कई तरह के विरोध के बावजूद पिछली बीजेपी सरकार द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा था. प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस ने इस पर नज़र टेढ़ी कर दी है. स्काई वॉक को तोड़ने और इसकी जगह फ्लाईओवर बनाने जैसी भी मांगे उठीं लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया और अब करीब 70 फीसदी काम पूरा होने के बाद भूपेश सरकार ने इस पर रोक लगा दी. लेकिन आचार संहिता के चलते अब इस प्रोजेक्ट पर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाएगा.

इन तमाम प्रोजेक्ट्स को लेकर कलेक्टर बसवराजू का कहना है कि आचार संहिता के दौरान नये काम नहीं हो सकेंगे भले ही ये प्रोजेक्ट्स पूर्व के स्वीकृत है. लेकिन इनसे कुछ विवाद भी जुड़े हुए हैं ऐसे में आचार संहिता के बाद ही इन पर कोई फैसला होगा.

विधानसभा चुनाव से पहले इन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हुआ था और निर्माण के डेड लाइन भी तय की गयी थी. लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं होने के चलते परेशानी जनता को ही होगी. क्योंकि ये सारे प्रोजेक्ट्स राजनीति की भेंट चढ़ते नज़र आ रहे है.

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