स्पेशल रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ में हर वयस्क को दी जाएगी मुफ्त वैक्सीन, क्या है टीकाकरण रणनीति?

1 मई से छत्तीसगढ़ में सभी वयस्कों को दी जाएगी वैक्सीन.

1 मई से छत्तीसगढ़ में सभी वयस्कों को दी जाएगी वैक्सीन.

एक मई से छत्तीसगढ़ में 18 साल से ज़्यादा उम्र के प्रत्येक नागरिक को फ्री वैक्सीन दिए जाने का सिलसिला शुरू होगा, लेकिन राज्य इसका खर्च कैसे उठाएगा? किस तरह से व्यवस्थाएं की जाएंगी? जानिए तमाम ब्यौरे.

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रायपुर. एक मई से छत्तीसगढ़ में 18 साल से 45 साल तक के लोगों का टीकाकरण निशुल्क किया जाएगा. राज्य सरकार ने यह फैसला लेते हुए कहा कि टीकाकरण सुचारू ढंग से किया जा सके, इस चुनौती से भी निपटा जाना है. इस वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए बजट क्या होना चाहिए और अन्य व्यवस्थाएं क्या, राज्य में टीकाकरण की तैयारी अंतिम चरण में है. आइए टीकाकरण की रणनीति के बारे में खास रिपोर्ट में जानिए.

कितनी आएगी लागत?

छत्तीसगढ़ में 18 साल से ज़्यादा उम्र के सभी लोगों को एक मई से निशुल्क वैक्सीन लगेगी. पात्र लोगों की सूची बनाने के साथ टीकाकरण केंद्र बढ़ाने से लेकर संसाधन और वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. एक अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके सभी लोगों को कोरोना की फ्री वैक्सीन लगाने में 1000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा.

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कहां से आएगी रकम?

इस टीकाकरण के लिए छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक 2021-22 की पूरी विधायक निधि नि:शुल्क कोरोना टीकाकरण के लिए देंगे. कांग्रेस विधायक दल ने यह फैसला लिया है. विधायकों ने विधायक निधि की राशि को खर्च करने का अधिकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दिया है. सरकार ने इस राशि को जुटाने की कोशिश शुरू की है. इसमें कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सामने आई चुनौतियों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री लगातार मंथन कर रहे हैं.

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राज्य सरकार ने सभी वयस्कों को वैक्सीन देने के संबंध में पूरी रणनीति तैयार की है.




क्या है गणित?

कांग्रेस विधायक दल का यह मानना है कि कोरोना टीकाकरण से काफी हद तक इस महामारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 70 विधायक हैं. एक विधायक को सालाना 2 करोड़ की विधायक निधि मिलती है. यह राशि उन्हें विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए मिलती है. वित्तीय वर्ष अभी शुरू ही हुआ है इसलिए निधि का बड़ा हिस्सा अभी बचा हुआ है. संसदीय सचिव विकास उपाध्याय का कहना है कि यह लोककल्याणकारी काम है. इस राशि से टीकाकरण के वित्तपोषण की बड़ी समस्या हल हो जाएगी.

कैसे होगा टीकाकरण?

वहीं 18 साल पूरा कर चुके लोगों के टीकाकरण के रायपुर समेत पूरे प्रदेश के जिलों में विधानसभा और लोकसभा में मतदाता सूची बनाने में लगाए गए अधिकारियो और कर्मचारियों की सेवाएं इसके लिए ली जाएंगी. राजधानी रायपुर में 18 से 45 साल तक के नौ लाख से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जाएंगे. इसके लिए विधानसभा-लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची इस्तेमाल होगी.

रायपुर जिले में ही इतने बड़े पैमाने पर होने वाले टीकाकरण के लिए अभी चल रहे टीकाकरण सेंटर के साथ लगभग 200 नए सेंटर खोले जाएंगे. पूरे प्रदेश में अभी 45 साल से ऊपर के ही लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं. एक मई से टीका लगाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की वजह से पहले से जो टीकाकरण केंद्र चल रहे हैं, उनके अलावा नए टीकाकरण केंद्र खोले जाएंगे.

पूरे प्रदेश में अभी हमारे पास तीन हजार वैक्सीन सेंटर हैं. अभी इसमें से 1800 सेंटर उपयोग हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ की 43% आबादी 18 से 45 वर्ष की है. अनुमानित रूप से यह 1.20 करोड़ की संख्या होगी. जैसे–जैसे वैक्सीन आएगी, वैसे–वैसे जरूरत के अनुसार टीकाकरण केंद्र की संख्या बढ़ाई जाएगी.

डॉ. अमर सिंह ठाकुर, राज्य टीकाकरण अधिकारी


प्रशासन की कोशिश है कि हर वार्ड में एक टीकाकरण केंद्र संचालित किया जाए, जिससे लोग अपने क्षेत्र में रहकर ही टीका लगवा सकें. वहीं किसी एक केंद्र पर बहुत ज्यादा भीड़ न हो. जिस तरह लोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जिन केंद्रों में जाते थे, उन्हीं केंद्रों में टीके लगेंगे. संसदीय सचिव विकास उपाध्याय का कहना है कि प्रदेश भर में पात्र लोगों की सूची बनाने के लिए दुर्गा समिति, गणेश समिति के साथ ही एनजीओ की भी मदद ली जाएगी.

वैक्सीन की उपलब्धता बड़ी चुनौती

हालांकि स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव का कहना है कि राज्य सरकार अपनी तरह से हर संभव कोशिश करेगी कि टीकाकरण सुचारू रहे. उनका कहना है कि इस आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए केंद्र ने बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया है. उनका कहना है कि हो सकता है कि टीकाकरण अंत्योदय, फिर बीपीएल श्रेणियों के हिसाब से किया जाए.
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