छत्तीसगढ़: कोविड-19 के मिले मरीजों में सबसे अलग है 11वां केस, अब ज्यादा सतर्क रहने की हिदायत
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छत्तीसगढ़: कोविड-19 के मिले मरीजों में सबसे अलग है 11वां केस, अब ज्यादा सतर्क रहने की हिदायत
छत्तीसगढ़ में 8 अप्रैल तक 2 हजार 979 संदिग्धों के सैंपल की जांच की जा चुकी है.

छत्तीसगढ़ में 11वें और कोरबा जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित तीसरे मरीज की पुष्टि होने के बाद उसे इलाज के लिए रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया है.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में 5 अप्रैल 2020 तक कोरोना वायरस के संक्रमण (Covid-19) के संदिग्ध 1590 लोगों की जांच की गई थी, जिसमें से 10 पॉजिविट केस मिले थे. इसके बाद 8 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि अब तक 2 हजार 979 संदिग्धों के सैंपल की जांच की जा चुकी है, इनमें से 2 हजार 795 के परिणाम निगेटिव आए हैं. 174 की रिपोर्ट आनी बची है और 10 पॉजिटिव मरीजों में से एक का इलाज रायपुर एम्स में जारी है. 9 मरीजों के ठीक होने के बाद अलग अलग तारीखों में 6 अप्रैल की दोपहर तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. यानी कि 5 अप्रैल से 8 अप्रैल की शाम तक एक भी कोविड-19 संक्रमित नया केस प्रदेश में नहीं आया, लेकिन 9 अप्रैल की देर रात प्रदेश में वायरस से सक्रमित 11वें मरीज की पुष्टि हुई.

प्रदेश में 11वें और कोरबा जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित तीसरे मरीज की पुष्टि होने के बाद उसे इलाज के लिए रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया है. कोरबा कलेक्टर किरण कौशल ने न्यूज 18 को बताया कि 'इस मरीज की पिछले कुछ महीनों से अपनी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, वो कटघोरा का ही रहने वाला है, लेकिन उस मस्जिद में नमाज के लिए जाता था, जहां तबलीगी जमात के महाराष्ट्र से आए एक 16 वर्षीय किशोर में कोरोना वायरस का संक्रमण मिला है. लॉकडाउन से पहले तक ये उस किशोर के संपर्क में रहा है. पिछले कुछ दिनों से ये होम क्वारंटाइन में था. 4 अप्रैल को किशोर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद ऐसे 40 लोग ट्रेस किए थे, इनमें से ये भी शामिल थे.'

कटघोरा में कर्फ्यू
कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि 'कटघोरा में दूसरा संक्रमित मरीज मिलने के बाद म​स्जिद के दायरे में दो वार्डों में पूरी तरक से कर्फ्यू लगा दिया गया है. इसके अलावा पूरे इलाके को सेनेटाइज किया जा रहा है. ऐसे और लोगों को ट्रेस किया किया जा रहा है, जो कटघोरा में मिले दोनों में से किसी एक भी संपर्क में पिछले एक महीने में आए हों. '
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सांकेतिक फोटो.




क्यों अलग है ये केस?
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए राज्य नोडल अधिकारी (होम क्वारंटाइन और मीडिया प्रभारी) डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने न्यूज़ 18 को बताया- 'बाहर से आए किसी संक्रमित के संपर्क में आने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ये छत्तीसगढ़ का अब तक का पहला मामला है. इस 52 वर्षीय मरीज की अपनी कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं है. ये 11वां मरीज 10वें मरीज के संपर्क में जरूर आया था. इससे पहले मिले 9 अन्य केस में 8 ऐसे मरीज थे, जो विदेश से यहां आए थे. उनके संपर्क में आए परिवार व अन्य ट्रेस किए गए लोगों की जांच की गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई. हालांकि रायपुर के रामनगर के 68 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग (जो अब ठीक हो चुके हैं) की भी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी, लेकिन उनके किसी संक्रमित के संपर्क में आने का भी अब तक कोई जानकारी नहीं है.'

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सांकेतिक चित्र.


इनमें नहीं था कोई लक्षण
कोरबा की कलेक्टर किरण कौशल ने न्यूज 18 से बातचीत में कहती हैं कि 'कटघोरा में मिले दोनों कोविड-19 संक्रमित मरीजों में संक्रमण का कोई प्रारंभिकर लक्षण नहीं था. देशभर में तबलीगी जमात से जुड़े कई सदस्यों में संक्रमण मिलने के बाद मस्जिद में रह रही जमात के सदस्यों का टेस्ट किया गया, जिसमें किशोर में संक्रमण मिला. इसी दौरान इन सदस्यों के संपर्क में आए 40 अन्य लोगों को ट्रेस किया गया, जिनमें प्रदेश का ये 11वां पॉजिटिव केस मिला.' प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 11वें मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लॉकडाउन को लेकर सरकार को आगाह भी किया है.



ज्यादा सतर्कता की जरूरत क्यों?
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल कहते हैं कि 'प्रदेश में मिले अब तक के सभी पॉजिटिव मामलों को एक-एक कर समझने की जरूरत है. राज्य में कोरोना संक्रमण की पहली मरीज रायपुर की युवती ने भी सोशल मीडिया में पोस्ट कर दावा किया था कि उसे कोई लक्षण नहीं थे. 10वें और 11वें मरीज में भी लक्षण नहीं होने की जानकारी दी जा रही है. इससे साफ है कि बगैर लक्षण दिखे भी शरीर में कोरोना के संक्रमण का खतरा है. प्रदेश में करीब 71 हजार लोग क्वारंटाइन में हैं और 8 अप्रैल तक 3 हजार लोगों के सैंपल की जांच भी पूरी नहीं हुई थी.'

Chhattisgarh
जांच की सांकेतिक फोटो.


प्रदेश में कोरोना संक्रमण से जुड़े मामलों पर बारीकी से नजर रखे आलोक प्रकाश कहते हैं- 'अब तक के संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर लोगों में राहत थी कि कॉन्टेक्ट रेसिंग (संपर्क में आने से संक्रमण) का कोई मामला नहीं है, लेकिन 11वें केस इससे ही जुड़ा है. कोविड-19 संक्रमण का कम्युनिटी स्प्रेड का कोई आधिकारिक पुष्टि प्रदेश में अब तक नहीं हुई है, लेकिन रायपुर के 68 वर्षीय बुजुर्ग के केस को अनदेखा नहीं किया जा सकता. बिलासपुर में सउदी से लौटी महिला में संक्रमण की पुष्टि विदेश यात्रा से लौटने के करीब 40 दिन बाद हुई. इसलिए ये कहना कि संक्रमण का लक्षण कुछ दिनों में ही दिखना शुरू हो जाए, ये जरूरी नहीं.'

अधिक जांच की तैयारी
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. सराकर की ओर से यही हिदायत भी दी गई है. लॉकडाउन के नियमों का पालन कर कम से कम लोगों के संपर्क में रहें और यदि किसी की पिछले कुछ महीनों में कोई ट्रेवल हिस्ट्री है या फिर ऐसे लोगों के संपर्क में आए हैं, जो वायरस से संक्रमित देश या राज्यों से हाल ही में लौटे हैं तो खुद होकर भी प्रशासन को जानकारी दें ताकि हमें ऐसे लोगों को ट्रेस करने में आसानी हो. अब राज्य में ज्यादा जांज की तैयारी की जा रही है. ज्यादा जांच किट मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है.

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