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शीतकालीन सत्र: मेडिकल कॉलेज में जीरो ईयर और क्लिंकर घोटाले को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: November 26, 2019, 1:51 PM IST
शीतकालीन सत्र: मेडिकल कॉलेज में जीरो ईयर और क्लिंकर घोटाले को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा
विपक्ष ने डीकेएस अस्पताल में हो रही मौत और शराब की राशि को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा किया. (File Photo)

साथ ही सदन में शराब बिक्री की राशि के मामले को लेकर भी तीखी नोकझोंक हई.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के शीतकालीन सत्र (Winter Session) का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा. सदन में विपक्ष ने मेडिकल कॉलेजों में जीरो ईयर (Zero Year in Medical College) और क्लिंकर घोटाले (Clinker Scam) को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला. तो वहीं सुपेबेड़ा (Supebeda) में किडनी की बीमारी (Kidney Disease) से हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सदन में चौकाने वाला जवाब दिया. सरकार ने कहा कि सुपेबेड़ा में अब तक नहीं हुई किडनी की बीमारी से एक भी मौत. इस जवाब पर कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने सदन में अपनी ही पार्टी को घेरा और कहा सुपेबेड़ा छत्तीसगढ़ के लिए कलंक है. तो वहीं स्वास्थ्य विभाग (Health Ministry) ने विधानसभा में DKS अस्पताल (DKS Hospital) में हुए मरीजों की मौत के लेकर लिखित में जवाब पेश किया. विभाग के मुताबिक 2018 से अक्टूबर 2019 में मौत का आंकड़ा 2346 रहा. अस्पताल में औसतन प्रतिदिन 6 लोगों की मौत हो रही है. साथ ही सदन में शराब बिक्री की राशि के मामले को लेकर भी तीखी नोकझोंक हई.



सदन में उठा मेडिकल कॉलेजों में जीरो ईयर मामला

छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में जीरो ईयर को लेकर मंगलवार को विधानसभा में पक्ष विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक देखने को मिली. सत्ता पक्ष के विधायक अरुण वोरा के सवाल पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने जानकारी दी कि चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में 2017 से 2019 लगातार 3 सालों तक जीरो ईयर रहा. साथ ही अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भी 2017 और 2019 में जीरो ईयर होने की जानकारी दी. सरकार के इस जवाब पर विपक्ष के सदस्यों ने इन कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार पर असफलता के आरोप लगाए, जिसके जवाब में सरकार की ओर से मामले में यथासंभव कार्रवाई और छात्र हित में निर्णय लेने की जानकारी दी गई.

क्लिंकर घोटाले पर हंगामा

छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन क्लिंकर घोटाले को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्ष की ओर से सौरव सिंह के सवाल पर जवाब देते हुए उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि अब तक 17 लाख 22 हजार 609 मीट्रिक टन क्लिंकर प्रदेश से बाहर भेजा गया है. जवाब को मुद्दा बनाते हुए विपक्ष ने क्लिंकर बाहर भेजने से राज्य के राजस्व में 350 रुपए करोड़ से अधिक की हानि होने का आरोप लगाया. साथ ही विपक्ष के सदस्यों ने क्लिंकर को बाहर जाने से रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम की भी जानकारी चाहिए. इस पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने क्लिंकर निर्यात पर निर्णय लेने का अधिकार केंद्र सरकार को होने का की जानकारी दी. उद्योग मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दलों ने एकसुर में विरोध करते हुए सदन में हंगामा किया. बढ़ते हंगामे के बीच सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. बता दें कि राज्य में क्लिंकर का उत्पादन और सीमेंट के उत्पादन के अनुपात पर काफी असमानता है, जिससे राजस्व की हानि होने की बात कही जा रही है.

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First published: November 26, 2019, 1:28 PM IST
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