विधानसभा का मानसून सत्र आज से, इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना चाह रहे हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें बीजेपी की मदद चाहिए होगी.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 12, 2019, 7:40 AM IST
विधानसभा का मानसून सत्र आज से, इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
छत्तीसगढ़ के विधानसभा का मानसून सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है.
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Updated: July 12, 2019, 7:40 AM IST
छत्तीसगढ़ के विधानसभा का मानसून सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है. मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी विपक्षी दलों ने कर ली है. मुख्य विपक्षी दल बीजेपी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे ने किसान कर्ज माफी, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सरकार को सदन में घेरने की योजना तैयार की है. इसके लिए दोनों ही विपक्षी दलों ने बैठक कर रणनीति भी तैयारी कर ली है.

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना चाह रहे हैं, लेकिन उनके विधायकों की संख्या पांच है. इनके गठबंधन वाले दल बसपा के दो विधायक हैं. अविश्वास प्रस्ताव के लिए 10 विधायकों की जरूरत पड़ेगी. इस कारण उन्हें बीजेपी विधायक दल का समर्थन लेना होगा. हालांकि बीजेपी सूत्रों की मानें तो वे फिलाहाल अविश्वास प्रस्ताव लाने के मूड में नहीं हैं. हालांकि बीते 11 जुलाई को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जरूर की गई है.



इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी
बीजेपी अपने विधायक भीमा मंडावी की लोकसभा चुनाव से ऐन पहले नक्सली हत्या, सूरजपुर में हिरासत में आदिवासी युवक की मौत, किसानों का कर्जमाफ नहीं होने, कानून व्यवस्था, बदलापुर की राजनीति, योजनाओं में बदलाव समेत कुछ और मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे इस बार शराबबंदी को मुख्य मुद्दा बनाकर सदन में सरकार को घेरने की योजना बनाई है.

श्रद्धांजलि से शुरू होगा सत्र
विधानसभा का मानसून सत्र विधायक भीमा मंडावी सहित पूर्व सदस्यों के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू होगा. इसके बाद सदन की अन्य कार्यवाही शुरू होगी. सत्र के पहले दिन शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने की संभावना है. हालांकि, उसके बाद शनिवार और रविवार को भी सत्र नहीं होगा, तब भी बैठक बुलाई जा सकती है. उसमें विपक्ष के किस मुद्दे पर सरकार की तरफ से कौन जवाब देगा, इस पर रणनीति बनेगी. इसके अलावा यह कोशिश भी रहेगी कि 15 साल सत्ता में रहने वाली भाजपा को उसके कार्यकाल के दौरान हुई गड़बड़ियों और कमियों में ही उलझाकर रखा जाए.

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