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छत्तीसगढ़ का बजट: विपक्ष के धान खरीदी में गड़बड़ी के आरोप पर सदन में हंगामा, रोकनी पड़ी कार्यवाही

बजट सत्र में विपक्ष धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में स्थगन प्रस्ताव लाया है. जिस पर जमकर हंगामा हुआ.

बजट सत्र में विपक्ष धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में स्थगन प्रस्ताव लाया है. जिस पर जमकर हंगामा हुआ.

विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल अनुसूईया उइके ने अभिभाषण दिया था. आज से उनके लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. विपक्ष ने उसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है. असल में, विपक्ष धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में स्थगन प्रस्ताव लाया है.

  • Last Updated: February 25, 2021, 3:36 PM IST
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रायपुर. विधानसभा में शून्यकाल शुरू होते हुए धान का मुद्दा फिर गर्मा गया. विपक्ष ने धान खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चर्चा की मांग की. भाजपा विधायकों ने कहा, पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने 28 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने की अनुमति दी थी. सरकार उसे जमा नहीं कर पाई. किसानों से खरीदा गया हजारों करोड़ रुपए का धान समितियों और संग्रहण केंद्रों में पड़ा-पड़ा सड़ गया. विपक्ष की चर्चा की मांग को खारिज कर दिया गया, जिससे विपक्ष और आक्रामक हो गया. पूर्व CM रमन सिंह ने कहा, धान का सवाल किसान के जीवन से जुड़ा हुआ है. संग्रहण बंद कर दिया गया है. समितियों में जाम की स्थिति है. सरकार से हम इस विषय पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग करते हैं.

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा- खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है. जीवित किसान को कागज में मृत बता दिया गया. आरंग के विजय निषाद नाम के किसान के साथ ऐसा हुआ है. उसका धान नहीं खरीदा गया. पूरी धान खरीदी कमीशन की भेंट चढ़ गई. समितियों में रखा धान बारिश की वजह से सड़ रहा है. उन्होंने कहा, सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है. भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- मीलिंग से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक में कमीशन मांगा जा रहा है. सरकार कितना कमीशन लेगी? कमीशन के खेल की वजह से छत्तीसगढ़ का धान सड़ जाएगा.

स्थगन प्रस्ताव नामंजूर, विपक्ष ने की नारेबाजी
आसंदी की ओर से स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर हो जाने के बाद विपक्ष ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी. जवाब में कांग्रेस विधायक भी अपनी जगह से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गये. कांग्रेस विधायकों ने नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले और नान की डायरी का जिक्र शुरू कर दिया. हंगामें की स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए रोकनी पड़ी. उसके बाद मामला शांत हुआ.
धान का हिसाब देने में फंसे खाद्य मंत्री


प्रश्नकाल के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत धान का हिसाब देने में बुरी तरह फंस गये. वर्ष 2019-20 में खरीदे गये धान में कटम मीलिंग से बच गये धान और FCI में जमा कराये गये चावल को लेकर भाजपा विधायकों ने सवाल पूछा. जवाब में खाद्य मंत्री बुरी तरह फंस गए. उनके जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा कर दिया. नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री पर झूठ बोलने तक का आरोप लगा दिया. हंगामा इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस मामले में खुद हस्तक्षेप करना पड़ा. प्रश्नकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया, 2019-20 में खरीदे गए 3.44 लाख मीट्रिक टन धान की अभी तक कस्टम मीलिंग पूरी नहीं की जा सकी है.

सूपेबेड़ा में किडनी की बीमारी का मामला सदन में उठा
भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसी एक गांव में 90 से ज्यादा लोगों की किडनी की बीमारी से मौत हो गई. फरवरी 2019 में स्वास्थ्य मंत्री गए थे. दो साल बाद भी टेंडर जारी नही हुआ. उधर सुपेबेड़ा में होर्डिंग लग गई. लोगों की जान जा रही है और टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. छत्तीसगढ़ में यह कभी नही हुआ कि पूरा गांव कलेक्टर के पास जाकर कह रहा है कि इच्छा मृत्यु दे दो. बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि सुपेबेड़ा में कितने लोगों की मौत हुई है? कितने लोगों की किडनी खराब है? रुद्र गुरु ने कहा कि पीने के पानी की वजह से एक भी मौत नही हुई है.

मंत्री ने कहा- इसी कार्यकाल में पानी की सफाई करेंगे
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- उस क्षेत्र में न कलेक्टर जाता है न एसपी जाता है. राजनीतिक दलों के लोग भी नही जाते. फरवरी 2019 में स्वास्थ्य मंत्री और पीएचई मंत्री वहां जाते हैं और दो सालों में वहां काम शुरू नहीं होना बेहद खेदजनक है. पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि- 2009 से लेकर 21.12.2018 तक सुपेबेड़ा में 119 मौत हुई है. इसके बाद से अब तक 32 मौतें हुई है. ये सभी मौतें पानी की वजह से नही हुई हैं. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- क्या ये सरकार युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर सुपेबेड़ा में पीने का शुद्ध पानी सप्लाई किया जा सकेगा? समयसीमा तय करने से अधिकारियों की भी बाध्यता होगी. गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि- हम करेंगे. यह मैं यकीन दिलाता हूं सरकार के इसी कार्यकाल में पूरा हो जाएगा.
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