लाइव टीवी

Chhattisgarh Election Result 2018: 32 साल तक BJP की सेवा करने वालीं अटल की भतीजी ऐसे बनी कांग्रेस की 'करुणा'
Rajnandgaon News in Hindi

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: December 11, 2018, 8:34 AM IST
Chhattisgarh Election Result 2018: 32 साल तक BJP की सेवा करने वालीं अटल की भतीजी ऐसे बनी कांग्रेस की 'करुणा'
करुणा शुक्ला. फाइल फोटो.

Chhattisgarh Election Result 2018 (छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ करुणा शुक्ला मैदान में हैं. करुणा शुक्ला की पहचान सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी ही नहीं बल्कि 32 साल तक भाजपा में सेवा देने के रूप में भी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2018, 8:34 AM IST
  • Share this:
छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली राजनांदगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ करुणा शुक्ला मैदान में हैं. करुणा शुक्ला की पहचान सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी ही नहीं बल्कि 32 साल तक भाजपा में सेवा देने के रूप में भी है.

करुणा शुक्ला का जन्म 1 अगस्त 1950 को अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार में हुआ था. 32 साल भाजपा में रहने के बाद उन्होंने साल 2014 में अचानक कांग्रेस का दामन थाम लिया था. बताया जाता है साल 2014 के आम चुनाव में ​भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज करुणा शुक्ला ने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस का हाथ थाम लिया. यहीं से अटल की भतीजी कांग्रेस की 'करुणा' बन गईं. करुणा को कांग्रेस में लाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की अहम भूमिका बताई जाती है. भोपाल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद करुणा शुक्ला ने राजनीति में कदम रखा था.

ये भी पढ़ें: पैराशूट उम्मीदवारों को मौदान में नहीं उतारेगी कांग्रेस: राहुल गांधी 

करुणा शुक्ला मध्यप्रदेश विधानसभा में रहते हुए बेस्ट एमएलए का खिताब भी मिला था. 1982 से 2014 तक भाजपा में रहीं. करुणा 1993 में पहली बार विधानसभा सदस्य चुनी गईं. 2004 के लोकसभा के चुनावों में करुणा ने भाजपा के लिए जांजगीर सीट जीती थी, लेकिन 2009 के चुनावों में करुणा कोरबा सीट से कांग्रेस के चरणदास महंत से हार गईं थीं. पूरे छत्तीसगढ़ में करुणा ही भाजपा की एकमात्र प्रत्याशी थीं जो चुनाव हारी थीं. बाकी के राज्य की सभी सीटें भाजपा के खाते में गई थीं. भाजपा में रहते हुए करुणा कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं, जिनमें भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद भी है.



ये भी पढ़ें: कांग्रेस ने जारी की दूसरी लिस्ट, सीएम रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी अटल की भतीजी करुणा

32 सालों तक भाजपा में रहीं करुणा शुक्ला अचानक चर्चा में तब आईं जब उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. चर्चा की सबसे बड़ी वजह ये है कि करुणा शुक्ला भाजपा के आधारपुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं. कांग्रेस ने करुणा को छत्तीसगढ़ की बिलासपुर सीट से कांग्रस ने लोकसभा का प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे 1 लाख 76 से अधिक वोटों से भाजपा प्रत्याशी से हार गईं.


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। फाइल फोटो.

इसी साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर करुणा शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि वर्तमान भाजपा नेतृत्व अटल जी के निधन को इवेंट में बदल रही है. उन्होंने कहा था कि पिछले 7-8 सालों में भाजपा में गिरावट आई है. इसके बाद पिछले सप्ताह करुणा चर्चा में तब आईं जब वे रायपुर में भाजपा कार्यालय पहुंच गईं और वहां अटल जी की अस्थियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए, उसकी मांग करने लगीं.

ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ चुनाव: कांग्रेस ने जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट, इनकी कटी टिकट  

ये भी पढ़ें: अस्थि कलश लेने रायपुर पहुंची अटल जी की भतीजी करुणा शुक्ला गिरफ्तार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए राजनांदगांव से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2018, 8:32 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर