Chhattisgarh Election Result 2018: BJP के इस कद्दावर मंत्री को जीत का चौका लगाने से रोक पाएगी कांग्रेस?

Chhattisgarh Election Result 2018 (छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम): 15 सालों से ये क्षेत्र एक तरह से भाजपा के कब्जे में रहा है. क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत और कद्दावर मंत्री राजेश मूणत की वजह से रायपुर पश्चिम सीट हमेशा से सी हाईप्रोफाइल रही.

Preeti George | News18 Chhattisgarh
Updated: December 11, 2018, 7:48 AM IST
Chhattisgarh Election Result 2018: BJP के इस कद्दावर मंत्री को जीत का चौका लगाने से रोक पाएगी कांग्रेस?
Rajesh Moonat
Preeti George | News18 Chhattisgarh
Updated: December 11, 2018, 7:48 AM IST
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने के बाद अब सबकी नजर नतीजों पर टिकी है. आज कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला होने वाला है. बात अगर राजधानी रायपुर की करें तो यहां भी मैदान में कई दिग्गज मंत्री हैं जो अपनी किस्मत फिर से आजमां रहे हैं. 2018 के विधानसभा चुनाव में विकास एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर सामने आया है. हमने किया, आपने क्या किया जैसे राजनीतिक जुमले सभी पार्टी दोहराती नजर आई. बात अगर राजधानी रायपुर के विकास की करें तो रायपुर का पश्चिम सीट विकास के मामले में अपनी एक अलग पहचान रखता है. रायपुर पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा के दिग्गज और कद्दावर नेता राजेश मूणत फिर से एक बार चुनावी मैदान में है. भाजपा भी विकास को मुद्दा बनाकर लोगों के बीच पहुंची और अपनी जीत का दावा भी करती नजर आई.

रायपुर पश्चिम सीट पर एक नजर:

रायपुर पश्चिम सीट पर पिछले तीन चुनावों से लगातार भाजपा के कद्दावर नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने अपनी जीत दर्ज की है. साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में राजेश मूणत ने रायपुर ग्रामीण सीट पर तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री तरुण चटर्जी को करारी शिकस्त दी थी. इस जीत के बाद से हूी राजेश मूणत ने राजनीति में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना ली थी. 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में राजेश मूणत ने पूर्व मेयर संतोष अग्रवाल को 15 हजार से वोटों से हराया था. फिर 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने युवा उम्मीदवार विकास उपाध्याय को मैदान में उतारा था. इस चुनाव में भी राजेश मूणत ने लगभाग 5 हजार वोटों से जीत अपने नाम की थी. इस बार फिर इस हाई प्रोफाइल सीट पर रोचक मुकाबला होने की संभावना है. कांग्रेस ने फिर से विकास उपाध्याय को राजेश मूणत के खिलाफ मैदान में उतारा है. हालांकि कांग्रेस से इस बार पश्चिम सीट के लिए लगभग तीन दर्जन दावेदार सामने आए थे, तो वहीं जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी की वजह से भी इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है.

क्या कहता है इस सीट का चुनावी समीकरण:

रायपुर पश्चिम सीट पर नजर डालें को यहां लगभग 30 फीसदी साहू समाज की बाहुल्यता है. इस क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में ब्राह्मण, पंजाबी, उत्तरभारतीय भी निवास करते है. इस क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा लोवर मिडिल क्लास वोटरों का भी है. बता दें कि रायपुर पश्चिम सीट पहले ग्रामीण विधानसभा का हिस्सा हुआ करता था. लगभग 20 सालों तक इस क्षेत्र से पूर्व महापौर और मंत्री रहे कांग्रेस के तरुण चटर्जी विधायक रहे. इसके बाद साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में राजेश मूणत चुनाव जीत हासिल की. 15 सालों से ये क्षेत्र एक तरह से भाजपा के कब्जे में रहा है. क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत और कद्दावर मंत्री राजेश मूणत की वजह से ये सीट हमेशा से सी हाईप्रोफाइल रहा.

जानिए लगातार तीन बार मंत्री रहे राजेश मूणत से जुड़ी ये बातें:

रायपुर पश्चिम सीट पर राजेश मूणत ने तीन पर जीत अपने नाम की है. छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपना एक अलग औहदा रखने वाले राजेश मूणत का ताल्लुक मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से है. छात्र जीवन से ही वे राजनीति में सक्रिय थे. 80 के दशक में मूणत ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अगल-अलग पदों पर काम किया. 1990 में वे रायपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाया गए. बेहतर काम की बदौलत मूणत को 2001 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की छत्तीसगढ़ इकाई का अध्यक्ष बनाया गया. 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में रायपुर-पश्चिम विधानसभा सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा. इस चुनाव में उन्होने कांग्रेस के दिग्गजों में शुमार तरुण चटर्जी को करारी शिकस्त दी. 2003 में छत्तीसगढ़ में पहली बार बीजेपी सत्ता में काबिज हुई और राजेश मूणत को राज्य मंत्री बनाया गया. 2008 के चुनाव में भी मूणत ने जीत हासिल की और भाजपा सरकार ने दूसरे कार्यकाल में उन्हें नगरीय प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण और परिवहन विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया. भाजपा के तीसरे कार्यकाल में राजेश मुणत का कद बढ़ा और उन्हे PWD, परिवहन और आवास पर्यावरण की जिम्मेदारी सौंप दी गई. तीन सालों से लगातार रायपुर पश्चिम सीट से जीत दर्ज करा रहे राजेश मूणत एक बार फिर चुनावी मैदान में है.
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