Chhattisgarh Election Result 2018: BJP के इस नेता के सिर हर बार सजा जीत का सेहरा, इस बार मिली है कड़ी चुनौती

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की नारायणपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले केदार कश्यप को अब तक कभी भी हार का मुह नहीं देखना पड़ा है.

News18 Chhattisgarh
Updated: December 11, 2018, 7:32 AM IST
Chhattisgarh Election Result 2018: BJP के इस नेता के सिर हर बार सजा जीत का सेहरा, इस बार मिली है कड़ी चुनौती
केदार कश्यप.
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Updated: December 11, 2018, 7:32 AM IST
छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों की गिनती मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू है. ऐसे में मतगणना से पहले जीत हार के समीकरण के साथ प्रदेश की राजनीति में बड़े नेताओं की भी चर्चाएं हैं. ऐसे ही एक नाम भाजपा के वरिष्ठ नेता और रमन कैबिनेट में मंत्री केदार कश्यप भी हैं. आदिवासी नेता केदार कश्यप को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का दौर है.

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बस्तर संभाग की नारायणपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले केदार कश्यप को अब तक कभी भी हार का मुह नहीं देखना पड़ा है. इस चुनाव में केदार केश्यप को कांग्रेस के चंदन कश्यप से कड़ी चुनौती मिली है. पूरे प्रदेश की नजर इस हाई प्रोफाइल सीट के परिणाम पर लगी हुई है.

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विरासत में मिली सियासत
बस्तर में दादा के नाम से प्रसिद्ध स्व. बलीराम कश्यप ने भाजपा की राजनीति को भोपाल से दिल्ली तक नेतृत्व दिया. पिता बलीराम कश्यप और माता मनकी कश्यप के पुत्र केदार कश्यप को राजनीति अपने पिता से विरासत में मिली. बलीराम कश्यप जी भाजपा के संस्थापक सदस्य एवं बस्तर जिले के स्तंभ रहें हैं.

लगातार तीन बार मंत्री
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चार भाइयों में तृतीय क्रम के केदार कश्यप साल 1998 में पहली बार बस्तर विकासखण्ड के जनपद सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए. भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे 2003 के विधानसभा चुनाव में भानपुरी विधानसभा से अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया, जिसमें उन्होंने शानदार विजय प्राप्त की. छत्तीसगढ़ की पहली निर्वाचित सरकार में उन्हे राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जैसे मूलभूत जनसरोकार वाले विभाग का महती दायित्व सौंपा गया. विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन उपरांत वर्ष 2008 में दूसरी बार भारी बहुमत से नारायणपुर विधानसभा से विधायक चुने गए एवं भारतीय जनता पार्टी पुन: सत्तारूढ़ हुई. इसके बाद 2013 के चुनाव में फिर से चुनाव जीता और मंत्री बने.

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