अजीत जोगीः राजीव गांधी की अगवानी की, उनकी सलाह पर कांग्रेस में आए और बने छत्तीसगढ़ के पहले CM
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अजीत जोगीः राजीव गांधी की अगवानी की, उनकी सलाह पर कांग्रेस में आए और बने छत्तीसगढ़ के पहले CM
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद आदिवासी बहुल राज्य के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अजीत जोगी (Ajit Jogi) को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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रायपुर. वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य के अस्तित्व में आने के बाद पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अजीत जोगी (Ajit Jogi) का आज निधन हो गया. आज सुबह भी उन्हें हार्ट अटैक आया था. वो पिछले कई दिनों से अस्पताल में ही भर्ती थे. दोपहर बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई थी. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अजीत जोगी ने कुछ ही साल पहले पार्टी छोड़कर नया दल बना लिया. 2018 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी नई पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के बैनर तले चुनाव लड़ा. हालांकि पार्टी का प्रदर्शन औसत ही रहा, लेकिन इससे प्रदेश में उनकी हैसियत पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. अजीत जोगी पहले की ही तरह छत्तीसगढ़ के बड़े नेता बने रहे. हालांकि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पिछले कुछ महीनों वो जरूर अलग-थलग दिख रहे थे. पिछले साल जब स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की माता की तेरहवीं में शामिल होने गए थे, तब भी अजीत जोगी की तबीयत खराब हो गई थी और वो मंच पर ही बेहोश हो गए थे. आज जब उन्हें हार्ट अटैक आया, तो प्रदेश में उनकी सेहत को लेकर हलचलें तेज हो गई हैं.

इंजीनियर, शिक्षक, कलक्टर और आदिवासी नेता
बिलासपुर के पेंड्रा रोड में जन्मे अजीत जोगी शुरू से ही राजनीति में रहे हों, ऐसा नहीं है. विनोद वर्मा ने अपनी किताब 'गढ़ छत्तीस' में अजीत जोगी का परिचय विस्तार से दिया है. इसके मुताबिक जोगी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की. इसके बाद कुछ दिन तक रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक भी रहे. फिर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS जॉइन की. इस सेवा में रहते हुए उन्होंने इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सीधी, शहडोल और रायपुर के कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इन शहरों के प्रशासनिक मुखिया के तौर पर अजीत जोगी ने खूब राजनीतिक अनुभव हासिल किया. वो दूरदर्शी थे ही, पढ़ने-लिखने में भी रुचि थी. ऐसे में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की नजर उन पर पड़ी और जोगी इस दिग्गज कांग्रेसी के करीब आ गए.

राजीव गांधी से मुलाकात



पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, राजनीति में आने से पहले इंडियन एयरलाइंस के पायलट हुआ करते थे. विनोद वर्मा अपनी किताब में लिखते हैं, 'एक बार राजीव गांधी विमान लेकर रायपुर आए तो एयरपोर्ट पर उनकी आवभगत शहर के तत्कालीन जिलाधीश अजीत जोगी ने की. जिसका प्रतिफल उन्हें बाद में चलकर हासिल हुआ.' जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय अजीत जोगी इंदौर के कलेक्टर थे. इसी समय अर्जुन सिंह की सिफारिश और राजीव गांधी के कहने पर जोगी ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा पहुंच गए. इसमें छत्तीसगढ़ के चर्चित नेता विद्याचरण शुक्ल और माधवराव सिंधिया ने भी उनकी मदद की.



छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री
कांग्रेस में रहते हुए जोगी ने धीरे-धीरे ऊंचाइयां तय की. 1986 से 1998 तक राज्यसभा में बिताने के बाद 1998 में ही वो रायगढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत गए. लेकिन 13 महीने में केंद्र की सरकार गिर गई और जोगी ने 1999 में शहडोल से चुनावी लड़ाई का मन बनाया. लेकिन इस चुनाव में वो हार गए. इसी दौरान कांग्रेस ने उन्हें छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए पार्टी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया. इसी दौरान छत्तीसगढ़ राज्य बनने की मुहिम शुरू हो गई और कांग्रेस में दिग्वजिय खेमे ने राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री की वकालत की. शुक्ल-बंधुओं से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की दूरी का फायदा, अजीत जोगी को मिला और वो छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बन गए.

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First published: May 29, 2020, 3:45 PM IST
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