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Lockdown में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, 26.10 लाख लोगों को मनरेगा में मिला काम
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Updated: May 23, 2020, 4:26 PM IST
Lockdown में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, 26.10 लाख लोगों को मनरेगा में मिला काम
छत्तीसगढ़ में Lockdown में 26.10 लाख लोगों को मनरेगा में मिला काम (फाइल फोटो)

राज्य सरकार के जारी आंकड़ों की मानें तो लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) ने 26 लाख 10 हजार से ज्यादा मानव दिवस निर्मित किए हैं. यानी कि प्रदेश में 26 लाख 10 हजार से अधिक श्रमिकों ने अब तक कार्य किया है

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रायपुर. कोरोना काल (COVID-19) में बेरोजगारी (Unemployment) के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस महामारी ने देश भर में लगभग तेरह करोड़ लोगों का रोजगार छीन लिया है. अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है, भीषण गर्मी में लोग भूखे-प्यासे पैदल चले जा रहे हैं. इस दौरान सड़कों पर श्रमिकों की मौत हो जा रही है.  ऐसे विषम परिस्थितियों में भी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य ने मनरेगा कार्य में इतिहास रचा है. राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों की मानें तो लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि में छत्तीसगढ़ ने 26 लाख 10 हजार से ज्यादा मानव दिवस निर्मित किए हैं. यानी कि छत्तीसगढ़ में 26 लाख 10 हजार से अधिक श्रमिकों ने अब तक कार्य किया है.

राज्य सरकार ने अपने जारी आंकड़ों के साथ इस बात की भी जानकारी दी है कि 10,250 ग्राम पंचायतों में 44,822 कार्य जारी है. कोरोना काल में ये आंकड़े राहत देने वाले लगते हैं, क्योंकि जब लाखों श्रमिकों की गांव वापसी हुई है तो मनरेगा में कार्य आजीविका का बड़ा जरिया बनेगा.

79 फीसदी जॉब कार्डधारी ने किया कार्य
मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ के 12 जिले- रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कवर्धा, बीजापुर, महासमुंद, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, राजनांदगांव, मुंगेली और बालोद जिले में 80 प्रतिशत से अधिक जॉब कार्डधारी मजदूर कार्यरत हैं. तो वहीं राज्य के 12 जिलों- बलौदाबाजार, गरियाबंद, बलरामपुर, बेमेतरा, धमतरी, जशपुर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, कोरिया, सूरजपुर और कांकेर में कार्यरत मजदूरों का प्रतिशत 79 से 60 प्रतिशत के बीच है. इसी प्रकार शेष चार जिले- रायगढ़, कोरबा, कोंडागांव और बस्तर जिले में कार्यरत जॉब कार्डधारी मजदूरों का प्रतिशत 51 से 59 प्रतिशत के बीच है. लॉकडाउन के दौरान 79 फीसदी जॉब कार्डधारियों का कार्य करना अपने आप में इतिहास है.



मनरेगा में ये काम हो रहे 


मनरेगा में सामुदायिक और व्यक्तिमूलक आजीवन संवर्धन के कार्यों के तहत जल संरक्षण के साथ कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को मजबूत करने के लिए विविध परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है. मनरेगा के तहत गांवों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किए जा रहे हैं. सभी विकासखंडों में निजी डबरी, कुआं, भूमि सुधार, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पशु शेड निर्माण, गौठान निर्माण, चारागाह निर्माण, शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण, व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, हितग्राहियों के लिए बकरी शेड, मुर्गी शेड, महिला समूह के माध्यम से नर्सरी में पौधा निर्माण, सिंचाई के लिए नाली निर्माण, गांव से जल निकास के लिए नाली निर्माण, बोल्डर डैम, चेक डैम, गेबियन निर्माण और महिला समूह के लिए वर्क-शेड निर्माण जैसे काम कराए जा रहे हैं.

कोरोना से बचाव बड़ी चुनौती
देश और दुनिया भर में कोरोनावायरस से बचाव इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में जारी मनरेगा कार्यों में कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों और केंद्र एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. मनरेगा टीम और पंचायतों के सहयोग से सभी कार्यस्थलों में सामाजिक और शारीरिक दूरी बरतते हुए मास्क या कपड़े से चेहरा ढंकने और साबुन से हाथ धुलाई के निर्देशों का गंभीरता से पालन करवाया जा रहा है. अधिकारियों द्वारा कार्यस्थलों का सतत निरीक्षण कर इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है.

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First published: May 23, 2020, 3:24 PM IST
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