लोकसभा चुनाव 2019: 'Namo Again' हासिल करने के रास्ते में रोड़ा न बन जाए बीजेपी के बागी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

मौजूदा दस सांसद मन ही मन अपना गुस्सा दबाए बैठे है. वहीं उनके परिवार के लोगों के साथ समर्थकों का गुस्सा उबाल में है.

  • Share this:
छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजों के विश्लेषण से एक महत्वपूर्ण तथ्य जो सामने आया उसमे ये भी था कि बीजेपी के कई बड़े दिग्गजों और कार्यकर्ताओं ने ही अपनी पार्टी को नुकसान पहुंचाया था. हालांकि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी जैसे-जैसे घोषित हो रहे है, वैसे-वैसे एक बार फिर साफ हो रहा है कि बगावत के लिए नए चेहरे फिर तैयार हो रहे है.

तमाम दावों के बाद यह तो साफ हो गया कि बीजेपी के मौजूदा सांसद मिशन 2019 के लिए बीजेपी के सहीं लड़ाके नहीं थे. पार्टी को अपने अंदरुनी सर्वे से यह तो स्पष्ट हो गया था कि इनके काम से जनता खुश नहीं है. बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हर हाल में 2019 में 'नमो अगेन' चाहता है. यही वजह है कि बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में अपने ही दस सांसदों की टिकट काट दी. वहीं अब जो नए नाम आए है उसके बाद बीजेपी में बागी भी उठ खड़े हुए है.

बता दें कि मौजूदा दस सांसद मन ही मन अपना गुस्सा दबाए बैठे है. वहीं उनके परिवार के लोगों के साथ समर्थकों का गुस्सा उबाल में है. गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि रायपुर के सांसद रमेश बैस के समर्थक तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पाले में शामिल होने की मांग करने लगे. गौरतलब हो कि रमेश बैस स्थानीय हैं और रायपुर से पिछड़ा वर्ग का एक बड़ा चेहरा है. रमेश बैस कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करते है, लेकिन कई समाज पिछड़ा वर्ग में आते है. सभी का सपोर्ट उन्हें मिलता रहा है.



रमेश बैस को 9 बार टिकट मिली जिसमे से वो सात बार जीते भी. कांग्रेस के जितने भी दिग्गज उनके खिलाफ खड़े हुए वे सभी हारे. ये भी कहा जाता है कि कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से भी बैस को सपोर्ट मिलता रहा है. यही वजह है कि इस बार बीजेपी जिसे भी उतारेगी उसे पिछड़ा वर्ग के साथ ही स्थानीय छत्तीसगढ़ियां पदाधिकारियों के भितरघात से गुजरना पड़ेगा. खुद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी मानते है कि इस तरह की नाराजगी है. लेकिन उनका दावा है कि इसे दूर कर लिया जाएगा.
विक्रम उसेण्डी जितनी आसानी से बगावत को संभाल लेने की बात कर रहे है, स्थिति उतनी आसान नहीं है. क्योंकि रह-रहकर पार्टी में बगावत के सुर बढ़ते जा रहे है. बता दें कि कांकेर में टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक सुमित्रा देवी मारकोले ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए फॉर्म खरीद लिया है.

वहीं पूर्व विधायक ब्रम्हानंद नेताम के समर्थक भी लामबंद हो रहे है. सुमित्रा देवी तो खुलकर मोहन मंडावी को चैलेंज देती हुए कह रही है कि जिसने पार्टी का झंडा तक नहीं उठाया उसे पार्टी ने टिकट दे दिया. अब वह बीजेपी को महिला शक्ति का अहसास कराएगी.

बस्तर सांसद दिनेश कश्यप स्वर्गीय बलिराम कश्यप के बेटे है. कश्यप परिवार के बरसों से परंपरागत वोटर्स रहे है. दिनेश कश्यप के बदले बैदूराम कश्यप को टिकट दिए जाने से ये समर्थक तो नाराज है ही, वहीं पूर्व विधायक लता उसेण्डी भी प्रबल दावेदारों में थी. उनके समर्थक भी आसानी से बैदूराम को समर्थन नहीं देने वाले. जांजगीर चांपा से सांसद प्रत्याशी गुहाराम अजगले की मुसीबतें भी शुरू हो गई है.

सांसद कमलादेवी पाटले के बेटे ने सोशल मीडिया पर खुलकर लिख दिया कि पार्टी ने एक बाहरी व्यक्ति को मौका दिया. हालांकि ये प्रत्याशी मानते है कि कुछ लोग नाराज है. उनका दावा है कि सबकी नाराजगी दूर हो जाएगी.

वहीं सरगुजा से बीजेपी प्रत्याशी रेणुका सिंह के भी रास्ते आसान नहीं है. हालांकि वो गोंड जाति से है. सरगुजा में इसकी बहुलता भी है. लेकिन फिर भी टिकट कटने से नाराज वर्तमान सांसद कमलभान सिंह के समर्थक एक बड़ा रोड़ा है. कांग्रेस ने जिस प्रत्याशी खेलसाय सिंह को उतारा है पार्टी के बागियों को उनका खुलकर समर्थन मिल सकता है.

विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा के बाद जो बगावती सुर आए थे पार्टी ने उसे नजर अंदाज किया था जिसका नतीजा पार्टी को बहुत खराब मिला. वहीं माना जा रहा है कि पूरे नाम आने के बाद सभी बगावती एक साथ सुर में सुर मिलाकर आवाज और बुलंद करेंगे.

ये भी पढ़ें:

लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ में 'गठबंधन' को खतरा, अजीत जोगी ने बुलाई पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक

Lok Sabha Election 2019: छत्तीसगढ़ की 4 सीटों पर कांग्रेस ने किया उम्मीदवारों का ऐलान

लोकसभा चुनाव 2019: मिलिए छत्तीसगढ़ में बीजेपी के नए चेहरों से जो बनाएंगे मोदी की 'ड्रीम-11' 

छत्तीसगढ़: रायपुर एयरपोर्ट में लगेगी स्वामी विवेकानंद की 18 फीट ऊंची मूर्ति 

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स    
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज