छत्तीसगढ़: 'नाग लोग' के नाम से जाना जाता है यह जिला, मिलते हैं करीब 22 प्रजातियों के सांप

सर्प रक्षक टीम लगातार सांपों का रेस्‍क्यू कर रही है. अभी तक 20 हजार सांपों का रेस्‍क्यू किया जा चुका है.

Chhattisgarh News: राज्य का 44 फीसदी हिस्सा वन क्षेत्र है, ऐसे में यहां पर सांपों की कई प्रजातियां पनप रही हैं. सांपों की बहुतायत मनुष्यों की जान को खतरा तो हैं ही लेकिन वे पर्यावरण संतुलन के लिए भी बेहद जरूरी हैं. ऐसे में सर्प रक्षक संस्‍था की टीम सांपों के रेस्‍क्यू के साथ ही लोगों की जान भी बचा रही है.

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रायपुर. देश में छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां पर वन काफी समृद्ध हैं, ऐसे में यहां पर कई व‌िलुप्त होते जानवरों को भी पनाह मिल रही है. लेकिन इनमें से कुछ जीवों से मनुष्य को खतरा भी रहता है. ऐसे में लोगों के संपर्क में आने पर इनको मार भी दिया जाता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इन बेजुबान जान की चिंता करते हैं और इनको बचाने कार भरसक प्रयास भी करते हैं. ऐसे ही जीवों में सांप भी आते हैं और इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है सर्प रक्षक संस्‍था की टीम ने. इस टीम ने अभी तक हजारों सांपों को बचा कर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया है. जानकारी के अनुसार अभी तक सर्प रक्षक टीम ने 20 हजार से ज्यादा सांप रेस्‍क्यू किए हैं.
गौरतलब है कि प्रदेश का 44 फीसदी हिस्सा वनों से घिरा है. राज्य के जशपुर जिले को नाग लोक के नाम से जाना जाता है. यहां पर सांपों की कई प्रजातियां मिलती हैं और पनप भी रही हैं. मानसून आते ही यहां पर इन रेंगती मौतों से कई लोगों का सामना भी हो जाता है. जो मनुष्यों के साथ सांपों के लिए भी खतरनाक है.

सांप को लेकर कई भ्रांतियां
सांप को मारने और अन्य बातों को लेकर कई भ्रांतियां समाज में हैं. इन भ्रातियों को सर्प रक्षक टीम के सदस्य दूर करने में भी जुटे हैं. धामन सांप को लेकर धारणा है कि इसकी पूंछ में कांटे होते हैं. वहीं कई अन्य जहरीले सांपों को लेकर भी भ्रातियां हैं और उन्हें लोग मार देते हैं. अब सर्प रक्षक टीम लोगों को समझा रही है और सांपों को रेस्‍क्‍यू कर उन्हें सही इलाकों में पहुंचा रही है. साथ ही लोगों को ये समझाया जा रहा है कि सर्प दंश होने पर अस्पताल जाएं और किसी भी तरह के टोने टोटके में न फंसे. वे लोगों को बता रहे हैं कि सांप की केवल 6 प्रजातियां ही जहरीली होती हैं.

टीम के सदस्य सोम देव मिश्रा ने बताया कि अब तक उनकी टीम ने 20 हजार सांपों का सफल रेस्‍क्यू किया है. टीम के सभी सदस्य निशुल्क सांपों का रेस्‍क्यू करते हैं. उन्होंने कहा कि रेस्‍क्यू में खतरा तो है लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए इन सुंदर जीवों का जीवन भी जरूरी है.

ये हैं सांपों की जहरीली प्रजातियां
रसल वाइपर
इंडियन कोबरा
बैडेड करैत
शॉ स्कील्ड वाइपर
कैट स्‍नेक

राज्य में मिलते हैं ये भी सांप
रेट स्नेक
चेकर्ड कील बैक
कूकरी स्‍नेक
वुल्फ स्‍नेक
कॉमन करैत
बैंडेड करैत
बैंडेड रेसर
सॉ स्किल्ड वाइपर
कैट स्नेक
पायथन
ब्रॉन्ज बाइक ट्री स्केन
सेंड बोआ
बफ स्ट्रिप्ड किल बैक स्नेक
फोरेस्टन कैट स्नेक
रसल्स कूकरी स्नेक

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