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ये लौकी है बेहद खास, लंबाई साढ़े पांच फीट और वजन 23 किलो!

ये लौकी है बेहद खास, लंबाई साढ़े पांच फीट और वजन 23 किलो!

प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे ग्राम जोरा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में आदमकद लौकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. ये लौकी आम लौकी के मुकाबले कई मामलों में बेहद खास है. इसकी लंबाई साढ़े पांच फीट है और वजन करीब 23 किलो है.

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे ग्राम जोरा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में आदमकद लौकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. ये लौकी आम लौकी के मुकाबले कई मामलों में बेहद खास है. इसकी लंबाई साढ़े पांच फीट है और वजन करीब 23 किलो है.

    बलरामपुर जिले के ग्राम परसामुड़ी के किसान रामप्रसाद की बाड़ी में यह लौकी उगाई गई है. रामप्रसाद की बाड़ी में उगा 25-30 किलो का कुम्हड़ा भी कम आश्चर्यजनक नहीं है. 27 जनवरी से शुरू हुए कृषि मेले में शुरू से यह लौकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इसके साथ ही कृषि मेले में छतों और दीवारों पर पत्तेदार सब्जियों को उगाने की विधियां भी कौतूहल का विषय है.

    बलराम कृषि महाविद्यालय के विशेषज्ञ राजेंद्र कश्यप के मुताबिक, रामप्रसाद द्वारा उगाई गई आदमकद लौकी और भारी भरकम कद्दू किसानों को ध्यान अपनी ओर खींच रही है. रामप्रसाद ने लौकी और कद्दू कृषि विवि को सौंपा है, ताकि इसके बीज से ज्यादा से ज्यादा फसल उगाई जा सके.

    गौरतलब है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नजदीक ग्राम जोरा में पांच दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला का आयोजन 27 जनवरी से किया गया है.

    राष्ट्रीय कृषि मेले में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के स्टाल में शहरी क्षेत्रों के घरों की छतों और दीवारों पर पत्तेदार सब्जियां उगाने की विधि को प्रदर्शित किया गया है. विश्वविद्यालय के स्टॉल में छात्रों द्वारा लोगों को इस विधि की जानकारी दी जा रही है. घरों की छतों में और दीवारों पर प्लास्टिक के कप टांगकर उसमें मिट्टी, नारियल का बुरादा और केंचुआ खाद डालकर पत्तेदार सब्जियां पैदा की जा सकती है.

    छतों और दीवारों पर सब्जियां उगाने की यह विधि भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

    राष्ट्रीय कृषि मेले में किसानों को खेती-किसानी की नई तकनीकों की जानकारी के साथ-साथ उन्नत नस्ल के गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी, बतख पालन की जानकारी भी मिल रही है.

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