छत्तीसगढ़ चुनाव: BJP ने की कांग्रेस के इस दिग्गज नेता की हार की 'भविष्यवाणी'

बीजेपी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव की हार का दावा किया गया है. पिछले तीन बार के चुनावों में भी नेता प्रतिपक्ष रहे उम्मीद्वारों को हार का मुंह देखना पड़ा है.

Devwrat Bhagat | News18 Chhattisgarh
Updated: December 4, 2018, 7:54 PM IST
छत्तीसगढ़ चुनाव: BJP ने की कांग्रेस के इस दिग्गज नेता की हार की 'भविष्यवाणी'
कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव.
Devwrat Bhagat
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Updated: December 4, 2018, 7:54 PM IST
छत्तीसगढ़ में नतीजों से पहले ही दिग्गजों की जीत-हार को लेकर भविष्यवाणी हो रही है. बीजेपी की तरफ से पहली बार किसी कांग्रेस नेता के हारने का दावा किया गया है. ये ताजा भविष्यवाणी बीजेपी प्रवक्ता और अंबिकापुर के चुनाव प्रभारी सच्चिदानंद उपासने ने की है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव की हार का दावा किया है. इसके पीछे ग्राउंड सर्वे का हवाला दिया जा रहा है.

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आमतौर पर राजनीतिक पार्टियां अपनी जीत का दावा तो जरूर करती हैं, लेकिन खुले तौर पर किसी बड़े नेता की हार का दावा करने से बचती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. अंबिकापुर में चुनाव की कमान सम्भालने वाले बीजेपी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव की हार का दावा किया है. उपासने का कहना है कि वे सोमवार को अंबिकापुर का दौरा कर लौटे हैं और वहां की ग्राउंड रिपोर्ट और सर्वे के आधार पर ये दावा कर रहे हैं.

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इसे सच्चिदानंद उपासने की ग्राउंड रिपोर्ट कहें या फिर चुनावी मिथक के आधार पर किया गया दावा. क्योंकि पिछले तीन बार के चुनाव में एक मिथक अब तक नहीं टूटा है और वो है नेता प्रतिपक्ष की हार का मिथक. इससे पहले नंदकुमार साय, महेन्द्र कर्मा और रविन्द्र चौबे जैसे दिग्गज नेता भी नेता प्रतिपक्ष रहते हुए हार का मुंह देख चुके हैं. इसलिए इस बार पुराने मिथक से जुड़ी इस सीट को लेकर लोगों में दिलचस्पी ज्यादा है.

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बता दें कि साल 2003 के चुनाव में नंदकुमार साय भाजपा के विधायक दल के नेता थे और वे अजीत जोगी से चुनाव हार गए थे. इसके बाद कांग्रेस के विधायक दल के नेता महेन्द्र कर्मा थे. कर्मा को साल 2008 के चुनाव में भीमा मंडावी से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद कांग्रेस ने रविन्द्र चौबे को नेता प्रतिपक्ष बनाया और वे 2013 के चुनाव में भाजपा के लाभचंद बाफना से हार गए.
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हांलाकि सच्चिदानंद उपासने ने अपने इस दावे को किसी भी तरह के मिथक से जुड़े होने से इंकार किया है, लेकिन कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने उनके इस दावे पर पलटवार करते हुए सीएम की ही सीट को खतरे में बताया है. साथ ही बीजेपी को भविष्यवाणी करने के लिए एक दफ्तर खोलने की भी सलाह दी है.

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बीजेपी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष की हार का दावा किया गया है. पिछले तीन बार के चुनावों में भी नेता प्रतिपक्ष रहे उम्मीद्वारों को हार का मुंह देखना पड़ा है. लिहाजा अब सभी की निगाहें 2018 के इस चुनाव में अंबिकापुर सीट पर है, जहां टीएस सिंहदेव के खिलाफ बीजेपी से अनुराग सिंहदेव मैदान में हैं. ऐसे में देखना होगा कि क्या वाकई सच्चिदानंद उपासने की भविष्यवाणी सही साबित होती है या टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष की हार का मिथक तोड़ने में कामयाब होते हैं.

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