छत्तीसगढ़ की राजनीति में बिछने लगी जातिगत बिसात

छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों का बोल बाला होने वाला है.

Surendra Singh | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 14, 2018, 2:40 PM IST
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बिछने लगी जातिगत बिसात
By-electins
Surendra Singh | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 14, 2018, 2:40 PM IST
छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों का बोल बाला होने वाला है. इसके लिए राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है. राजनीतिक दल सभी वर्गों को साधने कवायद कर रहे हैं.

90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 39 सीटें आरक्षित हैं. इसके अलावा जनरल वर्ग के लिए 51 सीटें हैं. इस बार के आगामी विधानसभा चुनाव में हर वर्ग अपनी ताकत का राजनीतिक दलों को एहसास करा रहा है.

सर्व आदिवासी समाज जहां एक ओर भाजपा से नाराज चल रहा हैं, तो वहीं कांग्रेस से भी कुछ खास इत्तेफाक नहीं रख रहा है. दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी भी अपने वर्ग के वोटबैंक को खींचने में लगी है.

छत्तीसगढ़ की कुल आबादी 2 करोड़ 55 लाख 45 हजार 198 है.
जातिगत जनगणना 2011 के मुताबिक छत्तीसगढ़ में हिन्दू 93.2 प्रतिशत, मुसलमान 2.01 प्रतिशत, ईसाई 1.92 प्रतिशत, सिक्ख 0.27 प्रतिशत, बौद्ध 0.27 प्रतिशत, जैन 0.24 प्रतिशत अन्य जातियां 1.93 प्रतिशत हैं. जबकि ओबीसी- 48 प्रतिशत, एसटी- 32 प्रतिशत, एससी- 10 से 12 प्रतिशत, सामान्य वर्ग- 8 से 10 प्रतिशत है.

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम का कहना है कि इस चुनाव में आदिवासी समाज सोच समझकर वोट करेगा. आदिवासियों के हित में काम करने वालों का साथ समाज देगा. वहीं बसपा के प्रदेश प्रभारी एमएल भारती का कहना है कि एससी वर्ग के लोग उनके साथ हैं.

भाजपा भलीभांति जानती है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में किसी भी वर्ग को नाराज करके जीत हाशिल करना मुश्किल होगा. इसलिए वो सभी वर्गो को अपना हितैषी बता रही है. कांग्रेस पार्टी भी कहां पीछे रहनी वाली है. वो तो सभी वर्गों का हितैशी और उनके लिए हमेशा सतर्क रहने वाली पार्टी बता रही है.
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