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Exclusive: जंगल में भटके, नक्सलियों ने पकड़ा, देखें CRPF के रिहा जवान की आपबीती

कोबरा के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया. (फाइल फोटो)

कोबरा के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया. (फाइल फोटो)

नक्सलियों के व्यवहार को लेकर किए गए सवाल पर तारकेश्वर सिंह ने कहा कि खाना भी दिया सबकुछ दिया. अच्छा रहा इनलोगों ने छोड़ने को कहा था और आज छोड़ दिया.

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रायपुर. बीजापुर में 3 अप्रैल को नक्सलियों और सुरक्षा जवानों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बंधक बनाए गए कोबरा के जवान राकेश्वर सिंह मनहास (Rakeshwar Singh manhas) को आखिर पांच दिन बाद रिहा कर दिया गया. रिहा होने के बाद राकेश्वर सिंह ने न्यूज 18 से हुई बातचीत में नक्सलियों के कब्जे में बिताए वक्त का अनुभव साझा किया. आइए सुने तारकेश्वर सिंह की बात, उन्हीं की जुबानी.

नक्सलियों के व्यवहार को लेकर किए गए सवाल पर तारकेश्वर सिंह ने कहा कि खाना भी दिया सबकुछ दिया. अच्छा रहा इनलोगों ने छोड़ने को कहा था और आज छोड़ दिया.

मुठभेड़ वाले दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ये तीन तारीख की बात है जिस दिन एनकाउंटर हुआ था. चार तारीख को मैं जंगल में भटकते हुए इनके चंगुल में फंसा था. नहीं मैं उस समय बेहोश नहीं था, चार तारीख को मैं इनके चंगुल में फंसा था. मुझे नहीं पता कि कितने गांव में घुमाया गया. मेरी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी और हाथ भी बंधे रहते थे.



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एक सवाल के जवाब में तारकेश्वर कहते हैं कि खाना वक्त पर मिलता रहा. इन नक्सलियों ने न तो मुझे टार्चर किया है और न धमकी दी गई. नौकरी छोड़ने जैसी कोई भी शर्त नहीं रखी गई. पुलिस महकमे के बारे में भी किसी तरह की जानकारी नहीं मांगी गई. हां यह उन्होंने स्वीकार किया कि हत्या की आशंका हर वक्त मंडराती रहती थी.

इनपुटः मुकेश चंद्राकर
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