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छत्तीसगढ़: तबलीगी ही नहीं जांच के दायरे में वो भी, जो निज़ामुद्दीन के आस-पास गया
Raipur News in Hindi

निलेश त्रिपाठी | News18 Chhattisgarh
Updated: April 2, 2020, 2:54 PM IST
छत्तीसगढ़: तबलीगी ही नहीं जांच के दायरे में वो भी, जो निज़ामुद्दीन के आस-पास गया
रायपुर में जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल पर लोगों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम.

छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित 9 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई है, इनमें से इलाज के बाद 3 के कोरोना संक्रमण से मुक्त होने का दावा सरकार ने किया है.

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रायपुर. दीपक यादव छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी में रहते हैं. पिछले 31 मार्च से मोबाइल फोन से उनका हालचाल पूछने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई, जिनमें कई अंजान लोग भी हैं. कोविड-19 के संक्रमित संदिग्धों में शामिल दीपक का दावा है कि उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है. अंबिकापुर के रहने वाले उपभोक्ता अधिकार संगठन के प्रदेश प्रवक्ता उमेश पांडेय का भी स्वास्थ्य हाल पूछने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है. हालांकि उनका दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका ब्लड सैंपल नहीं लिया है. क्योंकि उनमें कोविड-19 के संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था. दरअसल ये वे लोग हैं, ​जिनका नाम छत्तीसगढ़ सरकार को भेजी गई 159 नामों की उस सूची में शामिल है, जिनका मोबाइल फोन 13 से 16 मार्च के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन में उस मरकज के आस पास एक्टिव था, जो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बड़ी संख्या मिलने के बाद देशभर में चर्चा में है.

राज्य सरकार को मिली 159 नामों की सूची में शामिल नारायणपुर के मो. फारूख खान का दावा है कि वे 15 से 20 मार्च तक दिल्ली में जरूर थे, लेकिन उस तबलीगी जमात में शामिल नहीं हुए. क्योंकि उनका तब्लीगी जमात से कोई संबंध नहीं हैं. वे जम्मू में अपनी बहन के ससुराल जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण वे 20 मार्च तक दिल्ली में रूके और फिर 21 मार्च को वापस रायपुर फ्लाइट से लौट आए. उन्होंने खुद अपनी ट्रैवेल हिस्ट्री प्रशासन को दी.

सांकेतिक फोटो.




तबलीगी जमात की जानकारी नहीं



सूची में ही शामिल महासमुंद जिले के रहने वाले सलीम खान का कहना है कि वे अपने परिवार के 7 सदस्यों के साथ 15 मार्च को दिल्ली गए और निजामुद्दीन में मजार पर दर्शन के बाद अजमेर चले गए और वहां से वापस घर लौट आए. इन्होंने भी दावा किया है उनका तबलीगी जमात व मरकज से कोई संबंध नहीं है, वे उस समूह से आते हैं, जो इसे नहीं मानता. हालांकि वे परिवार सहित आइसोलेशन में हैं. सूची में शामिल दुर्ग के केलाबाड़ी के रहने वाले सरफराज अहमद ने भी दावा किया है कि वे अपने 18 जान—पहचान वालों के साथ निजामुद्दीन गए थे, लेकिन मरकज व तबलीगी जमात से उनके समाज का कोई संबंध नहीं है. सरफराज ने दावा किया है कि इस मरकज और इस जमात की उन्हें जानकारी तक नहीं है.

Chhattisgarh
सांकेतिक फोटो.


159 की सूची 106 गैर मुस्लिम
निजामुद्दनी के मरकज में तबलीगी जमात की चर्चा देशभर में होने के दौरान ही राज्य सरकार को 159 नामों की सूची दिल्ली से मिली. इसके बाद चर्चा होने लगी कि ये वे लोग हैं, ​जो मरकज में शामिल होने छत्तीसगढ़ से दिल्ली गए थे. जबकि सूची में शामिल 106 लोग गैर मुस्लिम हैं. बाकि मुस्लिमों में भी कई ऐसे लोग हैं, जो सिया हैं. इसके अलावा सुन्नी मुस्लिमों में भी शामिल कइयों ने दावा किया कि उनका मरकज व तबलीगी जमात से कोई संबंध नहीं है. सूची में शामिल दीपक यादव ने बताया कि वे अपने व्यापार के सिलसिले में दिल्ली गए थे. उमेश पांडेय का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने ट्रेन से निजामुद्दीन फिर वहां से दिल्ली गए थे. उमेश पांडेय को अचरज है कि उनके साथ अंबिकापुर से 4 और पूरे छत्तीसगढ़ से 7 और लोग थे, लेकिन सूची में सिर्फ उन्हीं का नाम शामिल क्यों है?

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए राज्य नोडल अधिकारी (होम क्वारंटाइन और मीडिया प्रभारी) डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने न्यूज 18 को बताया कि '159 लोगों की सूची में उन लोगों का नाम है, जिनका मोबाइल लोकेशन तबलीगी जमात के दौरान मरकज के आस पास था. इसका कतई ये मतलब नहीं हैं कि वे भी जमात का हिस्सा थे, लेकिन सूची मिलने के बाद ऐतिहात के तौर पर इनकी व इनसे संपर्क में आए लोगों की जांच की गई है. इनकी सेहत के आधार पर इन्हें आइसोलेट व क्वारंटाइन किया गया है.'

फिर ये 101 कौन हैं?
31 मार्च की शाम को राज्य सरकार के जन सम्पर्क विभाग द्वारा आधिकारिक तौर तबलीगी जमात में शामिल लोगों को लेकर बयान जारी किया गया. इसमें बताया गया कि नई दिल्ली में तबलीगी जमात के मरकज में शामिल सदस्यों में कोरोना वायरस पॉजीटिव केस पाये जाने और कुछ की मृत्यु हो जाने के बाद राज्य सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है. मरकज में छत्तीसगढ़ के 101 लोग शामिल हुए थे. इन सभी की पहचान कर राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा दल से इनका परीक्षण कराया गया है. छत्तीसगढ़ में तबलीगी जमात के 32 सदस्यों को क्वारंटाइन और 69 सदस्यों को आइसोलेशन में रखा गया है. इस बयान के बाद सीएम भूपेश बघेल ने इसको ट्वीट भी किया. हालांकि सरकार द्वारा इनके नामों की सूची जारी नहीं की गई.



जमात के अपने दावे
छत्तीसगढ़ जमीयत उलेमा, हिन्द एवं छत्तीसगढ़ तबलीगी जमात के संयोजक मुहम्मद फिरोज खान की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें दावा किया गया है कि लॉकडाउन के पश्चात, तबलीगी जमात में दिल्ली गया कोई भी सदस्य वापिस छत्तीसगढ़ नहीं आया है. फिरोज ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ तबलीगी जमात के किसी भी सदस्य को मरकज में हुई सभा में नहीं भेजा गया था.

बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण (covid 19 symptoms) के लक्षण दिखाई देने के बाद से निज़ामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात (Tablighi jamaat) का मरकज चर्चा में है. आइए जानते हैं कि आखिर ये जमात क्या है और क्या होता है इनका काम?
सांकेतिक फोटो.


..तो ये लोग हैं कौन?
फिरोज खान न्यूज 18 से बातचीत में कहते हैं- 'सरकार द्वारा निजामुद्दीन में हुई तबलीगी जमात में शामिल 101 सदस्यों का दावा किस आधार पर किया जा रहा है, ये नहीं पता. लेकिन जमात के प्रदेशभर के पदाधिकारियों और मस्जिदों से ली गई जानकारी के बाद मुझे ऐसे सदस्यों की जानकारी मिली है, जो दिल्ली से होकर छत्तीसगढ़ आए हैं. इनमें भिलाई में 8 जमाती, कोरबा में 15, कटघोरा में 13, अंबिकापुर में 15 जमाती हैं, लेकिन ये 10 मार्च से पहले ही यहां पहुंच चुके थे. इनके अलावा अंबिकापुर के 7 लोगों की जानकारी भी मिली है, जो मरकज में इस दरमियान गए थे, लेकिन वे अपनी मर्जी से वहां शामिल होने पहुंचे थे. इन सभी की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है और इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ जमीयत उलेमा के पास दिल्ली से आए 59 लोागों की जानकारी है. इनके अलावा करीब दो महीने पहले महाराष्ट्र के चन्द्रपुर में हुई जमात से लौटे 7 सदस्यों को दुर्ग और कांती से आई जमात के 12 सदस्यों को कटघोरा में आइसोलेट किया गया है.'

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रर टीएस सिंहदेव. फाइल फोटो.


संक्रमण फैलने से रोकने की पहल
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकना है. तबलीगी जमात में शामिल जिन लोगों को आइसोलेट या क्वारंटाइन किया गया है, वे भले ही 10 से 16 मार्च के बीच वहां न रहे हों, लेकिन उससे पहले भी यदि वहां थे तो संक्रमण की आशंका है. इसलिए ही ऐतिहात के तौर पर परीक्षण किया जा रहा है. न सिर्फ उनका ही बल्कि विदेश से आए सभी लोग और इस बीच ऐसे राज्यों से प्रदेश में आए लोग, जहां संक्रमण अधिक हैं, उन सभी को ट्रेस कर जांच की जा रही है.

9 में से 3 ठीक हुए
छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित 9 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने का दावा प्रदेश सरकार ने किया है. सरकार का दावा है कि 9 में 3 की इलाज के बाद रिपोर्ट ने​गेटिव आ गई है. इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है. 6 का इलाज अब भी जारी है. स्वास्थ्य मंत्री का दावा है कि प्रदेश में एम्स में अब 400 व जगदलपुर अस्पताल में 100 कोरोना टेस्ट करने की क्षमता है.

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First published: April 2, 2020, 2:52 PM IST
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