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विकास के दावों के बीच कुपोषित हो रहा छत्‍तीसगढ़ का 'भविष्‍य'

Surendra Singh | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 7:10 PM IST
विकास के दावों के बीच कुपोषित हो रहा छत्‍तीसगढ़ का 'भविष्‍य'
File Photo- Reuters
Surendra Singh | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 7:10 PM IST
छत्तीसगढ़ की रमन सरकार के लगातार 14 साल पूरे हो गए हैं. सरकार इन 14 सालों के बेमिसाल होने का दावा भी कर रही है. इसके लिए बकायदा हर कैबिनेट मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने-अपने विभागों की उपलब्धियां गिना रहे हैं. लेकिन, इस बीच दावों की पोल खोलने वाले ये सरकारी आंकड़े न्यूज-18 को प्राप्त हुए हैं.

छत्तीसगढ़ में कुपोषण के हालात बद से बत्तर होते जा रहे हैं. यहां पर 6 साल तक के करीब 15 फीसदी बच्चे कुपोषण की गिरफ्त में हैं. कुपोषण को लेकर प्रदेश में हालात ठीक नहीं हैं. करोड़ों रुपयों के बजट होने के बावजूद भी बच्चों को कुपोषण से मुक्त करा पाने में पूरा तंत्र फेल होता साबित हो रहा है.

प्रदेश के 27 जिलों में कुल 4 लाख 48 हजार 8 सौ 38 बच्चे कुपोषित हैं.
इसके अलावा 86 हजार 5 सौ 19 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में हैं. जनगणना के आकड़ों के अनुसार सन् 2011 में प्रदेश में 6 साल तक के करीब 36 लाख 61 हजार 84 बच्चे थे. इनमें से करीब 15 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे. साल 2017 के आंकड़ों की बात करें तो 5 लाख 15 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण की गिरफ्त में हैं.

जानकारों की मानें तो बस्तर संभाग के ज्यादातर क्षेत्रों में आंगनबाडी केन्द्रों का बुरा हाल है. यहां आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भवन तक नहीं बन पा रहे हैं. अन्य जिलों में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. सरकारी योजनाएं तो हैं, लेकिन उसका पालन ठीक से नहीं करवाया जाना कुपोषण का प्रमुख कारण बताया जा रहा है.

जिलेवार कुपोषित बच्चों की संख्या
राजनांदगांव- 33481
बिलासपुर- 29955
बलौदाबाजार-भाटापारा- 29260
रायपुर- 25755
रायगढ़- 22195
कोरबा- 21608
बस्तर- 21847

यहां अति कुपोषित बच्चे
जशपुर- 6340
सूरजपुर- 5640,
जांजगीर-चांपा- 5591
राजनांदगांव- 5183
(नोट-कुपोषण के आंकड़े विश्वसनीय सूत्रों से लगभग में प्राप्त.)

काम ही नहीं हो रहा है
कुपोषण जैसी भयावह समस्या से निपटने सरकार कोई ठोस काम नहीं कर रही है. योजनाओं का जमीनी स्तर पर अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है. आंगनबाड़ी केन्द्र झोपड़ियों में चल रहे हैं. कुपोषण की समस्या से निपटने में सरकार पूरी तरह फेल है.
फूलोदेवी नेताम, अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, छत्तीसगढ़


सरकार तो काम कर रही है
सरकार तो अपना काम बखूबी कर रही है. समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे तभी कुपोषण पूरी तरह खत्म होगा. प्रदेश से कुपोषण की समस्या से जल्द ही दूर हो जाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं है.
रमशीला साहू, मंत्री, महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ शासन
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