पोला पर्व पर सीएम हाउस में सजे नंदी बैल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के रायपुर (Raipur) स्थित सीएम निवास (CM House) पर पोला पर्व मनाया जा रहा है.

News18 Chhattisgarh
Updated: August 30, 2019, 11:34 AM IST
पोला पर्व पर सीएम हाउस में सजे नंदी बैल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई
सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश वासियों को पोला पर्व की बधाई दी है.
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Updated: August 30, 2019, 11:34 AM IST
हरेली (Hareli) के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) सूबे के पारम्परिक त्यौहार पोरा-तीजा (Pola- Teej Festival)को बड़े ही व्यापक स्तर पर मना रही है.  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के रायपुर (Raipur) स्थित सीएम निवास (CM House) पर पोला पर्व मनाया जा रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री निवास में विशेष इंतजाम (Special Arrangements) भी किया गया है. छत्तीसगढ़ की परंपरा (Tradition)और रीति-रिवाज (Customs and Traditions) के अनुसार सीएम हाउस में साज-सज्जा की गई है. सूबे के पापंरिक व्यंजन (Traditional Food) तैयार किए गए है. नंदी बैलों को भी सजाया गया है.  प्रदेश के विधायक सहित मंत्री एक रैली भी निकाली जाएगी जो संस्कृति भवन तक जाएगी. कहा जा रहा है कि पहली बार छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार को सीएम हाउस में इतने व्यापक रुप में मनाया जा रहा है.

बता दें कि सुबह से आस-पास के लोगों पोला मनाने सीएम हाउस में जुटने लगे. इस दौरान स्थानिय कलाकारों में बेहद मनमोहक प्रस्तुति भी दी. पारंपरिक वाद्य यंत्रों नृत्य के साथ कलाकारों ने सीएम हाउस में अपनी प्रस्तुति दी. बता दें कि पोला में  नंदी-बैल की पूजा की जाएगी. सीएम हाउस में शाम 4 बजे तक तीजा महोत्सव का आयोजन होगा. तीजा महोत्सव के लिए प्रदेश के कई इलाकों से महिलाओं को आमंत्रित किया गया है. इस दौरान महिलाओं द्वारा करूभात खाने की रस्म भी पूरी की जाएगी. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों का भी सीएम हाउस में आयोजन किया जाएगा.

सीएम भूपेश बघेल ने दी बधाई: 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को पोला पर्व की बधाई दी है. शुभकामनाएं देते हुए सीएम बघेल ने एक ट्वीट किया है. प्रदेश के खुशहाली की कामना मुख्यमंत्री ने की है.




पोला का महत्व: 

खेती-किसानी से जुड़े इस  त्योहार में किसान पोला के दिन खेत नहीं जाते और पशुधन की पूजा करते हैं. वहीं बच्चे मिट्टी के बने खिलौनों से खेलते है. लड़के जहां पोला के दिन नांदी बैल चलाते है तो वहीं लड़कियां जाता पोरा से खेलती है. इस दिन हर घर में विशेष पकवान बनाये जाते हैं जैसे ठेठरी, खुर्मी. इन पकवानों को मिट्टी के बर्तन, खिलौने में पूजा करते समय भरते है ताकि बर्तन हमेश अन्न से भरा रहे.



पोला त्योहार मनाने के बारे में ऐसा कहा जाता है कि चूंकि इसी दिन अन्नमाता गर्भ धारण करती है अर्थात् धान के पौधों में इस दिन दूध भरता है, इसीलिए ये त्यौहार मनाया जाता है. पोला पर्व पर किसानों को खेत जाने की मनाही होती है. पोला पर्व को लेकर राजधानी रायपुर के बाजार में मिट्टी के बर्तनों और नांदी बैल की बिक्री जमकर हुई है. लोगों ने अपने बच्चों के लिए मिट्टी से बने बर्तन भी खरीदे.

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First published: August 30, 2019, 11:12 AM IST
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