मुख्यमंत्री बनते ही भूपेश बघेल ने की बड़ी प्रशासनिक 'सर्जरी', बदले गए इनके प्रभार
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मुख्यमंत्री बनते ही भूपेश बघेल ने की बड़ी प्रशासनिक 'सर्जरी', बदले गए इनके प्रभार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

15 सालों तक विपक्ष का दंश झेलने वाली कांग्रेस पार्टी सरकार में आती है जबदर्सत एक्शन मोड में आ गई है. वादे पूरे करने से लेकर प्रशासनिक सर्जरी तक का दौर शुरू हो गया है.

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17 दिसंबर 2018 छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए वह ऐतिहासिक दिन है, जब कांग्रेस अपने 15 सालों के सत्ता का वनवास समाप्त कर मंत्रालय पहुंचने में कामयाब हुई. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भूपेश बघेल सीधे मंत्रालय पहुंचे और कैबिनेट की बैठक ली. इस बैठक में राज्य की स्थितियों पर चर्चा कर किसानों का कर्ज माफ, समर्थन मूल्य पच्चीस सौ रुपए करना, झीरमकांड पर एसआईटी गठन जैसे बड़े फैसले लिए गए.

इन फैसलों के अलावा बघेल सरकार ने पहले ही घंटे करीब आधा दर्जन प्रशासनिक 'सर्जरी' कर हड़कंप मचा दिया. इतना ही नहीं सीएम भूपेश बघेल ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी भी दे दी कि अब कोई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार नहीं चलेगा.

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अपने तेज तर्रार स्वभाव के कारण पहचाने जाने वाले भूपेश बघेल ने पहले ही घंटे जिन प्रशासनिक 'सर्जरी' को मंजूरी दी. इस लिस्ट में मुकेश गुप्ता, अशोक जुनेजा जैसे प्रमुख अधिकारियों के नाम शामिल है.
इनके बदले गए प्रभार

मुकेश गुप्ता- EOW-ACB से हटाकर , बिना जिम्मेदारी के स्पेशल डीजी पुलिस मुख्यालय बनाया गया.

अशोक जुनेजा- एडीजी गुप्तवार्ता से हटाकर, प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई.

डीएम अवस्थी- स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन के साथ EOW-ACB का अतिरिक्त प्रभार.

संजय पिल्ले- प्रशिक्षण से हटाकर- गुप्तवार्ता की जैसी बड़ी और अहम पद पर बैठाया गया.
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