• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarh
  • »
  • CM भूपेश बघेल का ऐलान: पिपरिया और कुकदुर बनेंगी नई तहसील, इंदौरी व कुंडा को नगर पंचायत का दर्जा

CM भूपेश बघेल का ऐलान: पिपरिया और कुकदुर बनेंगी नई तहसील, इंदौरी व कुंडा को नगर पंचायत का दर्जा

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने गांजा तस्करी मामले में बयान दिया है.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने गांजा तस्करी मामले में बयान दिया है.

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवर्धा (Kawardha) जिले में पिपरिया (Pipariya) और कुकदुर (Kukdur ) तहसील बनाने की घोषणा की है. साथ ही इंदौरी और कुंडा को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा.

  • Share this:

    रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने बड़ी घोषणा की है. कवर्धा जिले में पिपरिया (Pipariya) और कुकदुर (Kukdur ) नई तहसील बनेंगी. इसके साथ ही इंदौरी (Indori) और कुंडा (Kunda) को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा. सीएम भूपेश बघेल ने गुरुवार रात कवर्धा से आए प्रतिनिधि मंडल से कर मुलाकात इसकी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की सहूलियत के लिए प्रशासनिक इकाइयों का छोटी इकाइयों में पुनर्गठन किया जा रहा है. पौने तीन साल में प्रदेश में पांच नए जिले गठित किए गए, जिससे अब छत्तीसगढ़ में जिले की संख्या 27 से बढ़कर 32 हो गई है. इसी तरह तहसीलों की संख्या 147 से बढ़कर 222 हो गई है. इससे अपने काम के लिए जिला या तहसील मुख्यालय आने वाले ग्रामीणों को वहां रात्रि विश्राम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे उसी दिन अपने गांव लौट सकेंगे.

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवर्धा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के संबंध में कहा कि केन्द्र से अगर नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिलती है तो कवर्धा में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा. इस साल केन्द्र से मिली स्वीकृति के आधार पर प्रदेश में कांकेर, महासमुंद और कोरबा में तीन मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी गई है. इसके साथ दुर्ग के चन्दूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया गया है. उन्होंने कहा कि बोड़ला में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के साथ वहां पूर्व से संचालित हिन्दी मीडियम स्कूल भी संचालित होगा.

    ये भी पढ़ें: Rajasthan Marriage Registration Act: नए कानून का मामला SC पहुंचा, अध्यादेश की संवैधानिकता को चुनौती

    धान कटाई के लिए मिलेगी राशि

    सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि गौठान समितियों को पहले अधोसंरचना विकास के लिए 40-40 हजार रूपए की राशि दी गई थी. इस साल धान की कटाई के पहले भी गौठान समितियों को राशि दी जाएगी. इस राशि से गौठान समितियां धान की कटाई के बाद किसानों के खेतों से पैरा इकट्ठा कर गौठानों में रखने की व्यवस्था करेंगे, जिससे गौठानों में आने वाले पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हो सके. उन्होंने कहा कि पशुओं के चारे के लिए लगभग चार हजार गौठानों में लगभग 10 हजार एकड़ के रकबे में नेपियर तथा अन्य प्रजाति की घास लगाई गई है. इसी तरह वनों में भी लगभग एक हजार हेक्टेयर में घास लगाई गई है. वनों में पैदा होने वाली घास को साइलेज बनाकर गौठानों में पशुओं के चारे के लिए रखा जाएगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज