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इंजीनियर को सौंपी गई नक्सलियों की कमान, जानिए- कौन है संगठन का नया नेता बसवराजू?

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: November 28, 2018, 5:32 PM IST
इंजीनियर को सौंपी गई नक्सलियों की कमान, जानिए- कौन है संगठन का नया नेता बसवराजू?
सांकेतिक तस्वीर.

नक्सलियों के नए शीर्ष नेतृत्व बसवराजू ने वारंगल से इंजीनियरिंग में स्नातक किया है. बसवराजू को साल 1980 में एक बार छात्र संगठनों के झगड़े में पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद से वो अंडरग्राउंड है.

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  • Last Updated: November 28, 2018, 5:32 PM IST
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देश में नक्सल (माओवाद) संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया गया है. संगठन का महासचिव बसवराजू (नंवबल्ला केशव राव) को बनाया गया है. 25 सालों से इस पद पर कार्यरत मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ़ गणपति की जगह केशव को संगठन में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. सीपीआई माओवादी की केन्द्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी कर शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया है कि गणपति ने खुद खराब सेहत का हवाला देते हुए बसवराजू को महासचिव बनाने का प्रस्ताव दिया था.

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बसवराजू को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जियन्नापेटा गांव के निवासी बसवराजू को महासचिव बनाने का फैसला सीपीआई माओवादी की केन्द्रीय कमेटी की पांचवीं बैठक में लिया गया. बसवराजू पिछले 27 सालों से माओवादी संगठन की केन्द्रीय कमेटी का सदस्य है. बसवराजू ने 18 सालों से पोलित ब्यूरो सदस्य के तौर पर सक्रिय रहने के अलावा पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रभारी के तौर पर भी काम किया है.

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जांच एजेंसी एनआईए के वेब पेज पर बसवराजू को लेकर उपलब्ध जानकारी.

वारंगल से की इंजीनियरिंगमिली जानकारी के मुताबिक बसवराजू ने वारंगल से इंजीनियरिंग की है. बसवराजू को साल 1980 में एक बार छात्र संगठनों के झगड़े में पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद से वो अंडरग्राउंड है. इस वक्त बसवराजू की उम्र करीब 63 साल है. बताया जा रहा है कि पुलिस और दूसरी जांच एंजेसिंयों के पास बसवराजू की कोई ताजा तस्वीर उपलब्ध नहीं है.

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डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम
मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के नए शीर्ष नेतृत्व बसवराजू पर अलग-अलग राज्यों और केन्द्रीय सुरक्षा संगठनों ने 1 करोड़ 57 लाख रुपये का ईनाम रखा है. माना जा रहा है कि बसवराजू को महासचिव बनाये जाने के बाद माओवादी हमले बढ़ सकते हैं. प्रेस रिलीज में भी सीपीआई माओवादी की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने लिखा है कि यह बदलाव केन्द्रीय कमेटी को और ताक़त प्रदान करने वाला है.

आक्रामक हमलों के लिए जाना जाता है बसवराजू
मिली जानकारी के मुतबिक बसवराजू पिछले महासचिव गणपति की तुलना में युवा ज़रूर है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से गणपति ज्यादा मजबूत है. संगठन में ज्यादातर समय सैन्य कमान संभालने के कारण बसवराजू आक्रामक हमलों के लिए ही जाना जाता है. इसके अलावा हमलों की रणनीति बनाने में भी बसवराजू को माहिर माना जाता है.

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छत्तीसगढ़ में बड़े हमलों का जिम्मेदार
सूत्रों के मुताबिक बसवराजू को वारफेयर में महारत हासिल है. पिछले 2 महीने में जितने भी बड़े नक्सली हमले हुए हैं, चाहे वह छत्तीसगढ़ चुनाव में हो, जिसमें 5 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे या फिर आंध्र प्रदेश में विधायक की हत्या. इन सब के पीछे बसवराजू का ही हाथ है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अब तक हुए बड़े नक्सल हमलों में भी बसवराजू की भूमिका अहम बताई जा रही है.

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First published: November 28, 2018, 1:33 PM IST
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