छत्तीसगढ़ में कोरोना से 1000 से ज्यादा कर्मचारी और 411 शिक्षकों की मौत का दावा, मुआवजे की उठी मांग

छत्तीसगढ़ में कोरोना से सरकारी कर्मियों की मौत पर कर्मचारी संघ ने मांगा मुआवजा.

छत्तीसगढ़ में कोरोना से सरकारी कर्मियों की मौत पर कर्मचारी संघ ने मांगा मुआवजा.

कोरोना से सैकड़ों शासकीय कर्मचारियों की मौत को लेकर संघ ने कहा- केंद्र और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की ओर नहीं दे रहे ध्यान. राज्य में कोरोना महामारी से अब तक 13000 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया. आम जनता के साथ साथ शासकीय कर्मचारियों की बड़ी संख्या में मौत हुई. अब तक हुई मौत के आंकड़ो को देखें तो प्रदेश में कुल 13 हजार 217 लोगों की जान गई है. इनमें शिक्षक, पुलिसवाले, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल है. तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का दावा है कि कोरोना महामारी की वजह से अभी तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, लेकिन न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार की तरफ से इन लोगों के परिवारों को मुआवजा मिला है.

गौरतलब है कि मार्च में छत्तीसगढ़ में महज 254 कोरोना के मरीज थे, मगर अचानक से प्रदेश सेकेंड वेव की ओर चला गया. इस कारण प्रदेश में दो माह के लिए लॉकडाउन भी लगाना पड़ा था. अब स्थिति सामान्य होती नजर आ रही है. प्रदेश में अभी भी 23 हजार से अधिक एक्टिव मरीज हैं. ऐसे में अभी भी कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है.

कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इनमें स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, नगरीय निकाय और शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी. कोरोना रोकथाम की व्यवस्था बहाली, टीकाकरण, कोविड मरीजों की पहचान आदि के काम में इन लोगों को लगाया गया है. कर्मचारी संघ का कहना है कि कई विभाग ऐसे हैं जिनके कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स माना ही नहीं गया. उनकी भी मौत हुई है.

शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र दुबे का कहना है कि कोरोना की वजह से प्रदेश के 411 शिक्षकों की जान चली गई. राज्य या केन्द्र सरकार द्वारा मौत के पहले ना तो उन्हें कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दिया गया और न ही मौत के बाद किसी तरह की अनुग्रह राशि दी गई. संघ इन लोगों के लिए लगातार 50 लाख रुपये के बीमा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही. संघ के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि  शिक्षकों के परिजनों की भी मौत संक्रमण की वजह से हुई है.
इधर, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि कोरोना काल में 1000 से अधिक शासकीय कर्मचारियों की जान गई है. पीड़ित परिवारों की संख्या 5000 से अधिक होगी, मगर ये सभी राज्य और केन्द्र सरकार के फेर में फंसे हुए हैं.

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