Chhattisgarh Politics: कांग्रेस के ढाई साल पूरे, विपक्ष ने सरकार को घेरा, एक-एक कर गिनाई खामी

सरकार के ढाई साल पूरे होने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना.

Raipur News: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस (Congress) सरकार के ढाई साल पूरे होने पर बीजेपी (BJP) ने जंबो प्रेसवार्ता की. विपक्ष ने एक-एक कर सरकार की खामियां गिनाई.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कांग्रेस सरकार (Congress) के ढाई साल पूरा होने पर बीजेपी ने जंबो प्रेसवार्ता कर सरकार पर जमकर निशाना साधा. जंबो प्रेसवार्ता इसलिए क्योंकि कई सालों बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी के लिए ऐसा मौका था जब पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, पुन्नलाल मोहिले, सांसद रामविचार नेता, सुनील सोनी, विधायक शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल सहित अन्य नेता एक ही मंच साझा किए हो. क्योंकि यह तमाम ऐसे चेहरे हैं जो एकला चलो रे की राजनीति में ज्यादा विश्वास रखते हैं. मगर कांग्रेस सरकार के आधा कार्यकाल पूरा होने पर सभी एक मंच पर पहुंचकर सरकार को आड़े हाथों लिया.

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने सरकार के विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के आधे कार्यकाल में सरकार लोकलाज खो चुकी है. सरकार अविश्वसनीय हो चुकी हृै. कई दावों और वादों के साथ कांग्रेस की काठ की हांठी एक बार आंच पर चढ़ चुकी है. अब दोबारा नहीं चढ़ पाएगी क्योंकि कांग्रेस की सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए.

वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करे सरकार

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कैग की रिपोर्ट के आकड़ों को पढ़ते हुए दावा किया कि राज्य सरकार अपने व्यय का 88 फीसदी राजस्व व्यय के रूप में खर्च करती है जिससे प्रदेश के सारे विकास काम ठप्प हो चुके हैं. साथ ही यह भी कहा कि जिस सरकार में पूंजीगत घाटा बीस सालों का सर्वाधिक हो वह सरकार दिवालियापन के करीब हो होगी. वहीं सरकार के कर्जों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ब्याज के रूप में पांच हजार करोड़ रूपए से अधिक दे रही है. यह सरकार वित्तीय प्रबंधन के नाम पर पूरी तरह से फेल है, इसलिए सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति स्पष्ट करने के लिए श्वेतपत्र जारी करना चाहिए.

NGGB पर डॉ. रमन का निशाना

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना यानि कि NGGB योजना सहित गोबर खरीदी योजना को पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने पूरी तरह से फेल बताया. डॉ रमन ने कहा प्रदेश में ना तो कहीं नरवा बन पाया और ना ही घुरवा, गरूवा के लिए जो गोठान बनाए गए थे सब के सेड़ उड़ चुके हैं, गेट टूट चुका है वहां एक भी गाय नहीं है और ना ही प्रदेश में बाड़ी योजना धरातल पर उतर पाई. वहीं गोधन न्याय योजना पर तंज कसते हुए कहा सरकार ने जितनी गोबर खरीदी बारिश में आधा बह चुका है और कम्पोस्ट खाद खरीदी के लिए किसानों पर दवाब बनाया जा रहा है.

नौ साल चले अढ़ाई कोष

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सराकर पर निशाना साधाते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है. सरकार की सभी योजनाएं दम तोड़ चुकी है. किसी भी सरकार के लिए घोषणा पत्र वचन पत्र विश्वसनीय दस्तावेज होता है. मगर सरकार अपने घोषणा पत्र पर एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी है. घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ना तो किसानों के प्राइवेट बैंक का कर्जा अब तक माफ हुआ है और न ही किसानों को बकाया बोनस दिया गया है. उल्टे एक सप्ताह, एक माह भी ऐसा नहीं है जब किसान आत्महत्या ना कर रहे हों. वहीं बेरोजगारी भत्ता पर कहा कि सरकार ने ढाई हजार रूपए प्रतिमाह देने की बात कही थी. मगर सरकार के ढाई साल बाद भी ढाई हजार रूपए ढाई लोगों को भी नहीं मिला है.

राजीव गांधी अन्याय योजना

समर्थन मूल्य के आकड़ों और राजीव गांधी न्याय योजना के राशि का हिसाब-किताब बताते हुए पूर्व कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार पर किसानों के हितों पर डाका डालने का आरोप लगाया. पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के दम पर सरकार में आई है मगर किसानों के ही हक के पैसे पर डाका डाल रही है. दो सालों में समर्थन मूल्य बढ़ा है. मगर राज्य सरकार बढ़ाने के बदले राजीव गांधी न्याय योजना के दस हजार रूपए प्रति एकड़ को कम कर के नौ हजार रूपए कर दी है. जो किसानों के साथ अन्याय है.

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