चुनावी साल में सरकार के खिलाफ आक्रामक रवैया अपना रही है कांग्रेस

छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में लगातार बढ़ रही मंहगाई को लेकर कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन जारी है. भारत बंद के बाद 12 सितंबर को कांग्रेसी विधायकों ने बैलगाड़ी से विधानसभा मार्च किया.

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: September 12, 2018, 5:41 PM IST
चुनावी साल में सरकार के खिलाफ आक्रामक रवैया अपना रही है कांग्रेस
सांकेतिक फोटो.
Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: September 12, 2018, 5:41 PM IST
छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में लगातार बढ़ रही मंहगाई को लेकर कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन जारी है. 10 सितंबर को भारत बंद के बाद 12 सितंबर को कांग्रेसी विधायकों ने बैलगाड़ी से विधानसभा मार्च किया. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आहुत की गई विधानसभा के विशेष सत्र और लगातार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में हो रही बढ़ोत्तरी के विरोध में कांग्रेसी विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला. बुधवार को कांग्रेसी विधायक बैलगाड़ी, सायकल से और पैदल विधानसभा पहुंच कर केंद्र और राज्य सरकार का विरोध किया. इससे पहले कांग्रेसी नेताओं ने 10 सितंबर को भारत बंद के दौरान घोड़े की सवारी कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था.

चुनावी साल में कांग्रेसी काफी आक्रमक दिखाई दे रहे हैंं और यही वजह हैं कि कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से विधानसभा तक की 11 कीलोमीटर की दूरी कांग्रेस ने पूरे जोशों-खरोश से पूरी की. खुद नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने सायकल चलाकर सरकार का विरोध जताया तो वहीं तीजा उपवास के दौरान एक घंटे तक धूप मे रोके जाने से नाराज महिला विधायकों ने भी सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई. कांग्रेस विधायक देवती कर्मा ने ​कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ पूरे प्रदेश में माहौल है. इसलिए ही वे बौखला गई है.

चुनावी साल में कांग्रेस जनता से जुड़े किसी भी मुद्दों को छोड़ना नहीं चाह रही और यही वजह है कि मंहगाई को लेकर पहले डायन फिर उसका बेटा भ्रष्टाचार और अब बैलगाड़ी से लेकर सायकल तक की सवारी कांग्रेस को जनता से सीधे जोड़ रही है. बहरहाल देखना होगा कांग्रेस के इन तमाम प्रदर्शनों से आमजन को कितना लाभ मिल पाता है.
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