IT छापों के बाद रायपुर में कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन, केंद्र पर लगाए आरोप
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IT छापों के बाद रायपुर में कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन, केंद्र पर लगाए आरोप
रायपुर में छापे के लिए पहुंची टीम एक अफसर के घर के बाहर इंतज़ार करते हुए (File Photo)

छत्तीसगढ़ में इनकम टैक्स के छापों (IT Raids) के बाद सियासत लगातार जारी है. शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल से गुहार लगाने के बाद कांग्रेस ने राजधानी रायपुर में अपने कार्यकर्ताओं के साथ हुंकार भरी.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को कांग्रेस (Congress) ने प्रदर्शन किया. इसके लिए प्रदेश भर से पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था. सबसे पहले कांग्रेस ने ऐतिहासिक गांधी मैदान से केंद्र के खिलाफ आईटी के छापों को लेकर बिगुल फूंका. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने ये भी कहा कि इसी जगह से महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ हुंकार भरी थी. कांग्रेस ने केंद्र पर भेदभाव और सरकार को अस्थिर करने की साजिश का आरोप लगाया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर भी प्रदर्शन कर सकते हैं. वहीं इस प्रदर्शन के बीच भी भिलाई में सीएम की उपसचिव सौम्या चौरसिया के घर को सील करने की आयकर विभाग की कार्यवाही जारी थी.

केंद्र पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने गांधी मैदान में उपस्थित लोगों को संबोधित किया. राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने मंच से कहा कि केंद्र सरकार बदलापुर की कार्रवाई कर रही है. सीधे साधे छत्तीसगढ़िया लोगों को भड़का रही है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की भाषा में कहा, 'आपमन भी बदला ले हू न.' एक-एक कर मंच पर कई नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है. संघीय ढांचे के नियमों का उल्लंघन कर रही है.

पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने की पुरजोर कोशिश की
इसके बाद कांग्रेस ने गांधी मैदान से आयकर विभाग के दफ्तर का घेराव करने के लिए मार्च करना शुरू किया. इस मार्च को लेकर कहा गया था कि मार्च शांति पूर्ण होगा लेकिन आकाशवाणी चौक काली माता मंदिर के पास कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस ने लोहे की चादरों से बैरीकैट्स बनाए थे. इन बैरीकैट्स के सामने पुलिस खड़ी थी. बैरीकैट्स खोलने की कांग्रेसियों की मांग जब पुलिस ने नहीं सुनी तो कांग्रेसियों ने जमकर जोर आजमाइश की. आखिर लोहे की अस्थाई दीवारें गिर गईं और कई नेता आयकर भवन तक कूच करने में सफल रहे. इसके बाद आयकर विभाग के दफ्तर के बाहर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया. इधर ज्यादातर आक्रोशित भीड़ अभी भी आकाशवाणी चौक तक फंसी थी. देर तक पुलिस के साथ झूमाझटकी चलती रही. महिला कांग्रेस के कुछ नेत्रियां बैरिकैट्स पर भी चढ़ गईं थीं. इस झूमाझटकी में पुलिस के लोगों को हल्की चोटें भी आईं.



'सरकार को अस्थिर करने की साजिश'
पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि आगे दिल्ली भी कूच किया जा सकता है. यह तो केवल एक झलक है. मोहन मरकाम का कहना है कि सरकार को काम करते हुए महज 7 महीने हुए हैं. बाकी का समय तो आचार संहिता में चला गया. सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है. मोहन मरकाम का कहना है कि 15 सालों तक बीजेपी की सरकार रही तब इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बेटे पूर्व सांसद अभिषेक सिंह का नाम तो पनामा पेपर्स में था, कभी उनके यहां तो छापे नहीं पड़े. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री पर 36 हजार करोड़ के नान घोटाले के आरोप हैं. एक पूर्व मंत्री पर अंतागढ़ का प्रत्याशी खरीदने के आरोप हैं.


कांग्रेस का आरोप- प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया
उन्होंने कहा कि जब भी छापे पड़ते हैं तब डीजीपी और पुलिस बल को सूचना दी जाती है लेकिन यह नहीं किया गया. हमारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जाती है. दो घंटे के आह्वान में पूरे प्रदेश से हजारों कार्यकर्ता आए हैं, यही हमारी ताकत है. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की नीयत ठीक है तो उन लोगों पर कार्रवाई करे, जिन पर 36 हजार करोड़ के घोटाले के आरोप हैं या फिर उन पर जिन पर कांग्रेस प्रत्याशी को 8 करोड़ में खरीदने के आरोप लगे थे. ..

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