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कोरोना का संकट: इस राज्य के 'अमीर' भी अब खा सकेंगे सरकार का नमक

छत्तीसगढ़ सरकार ने एपीएल कार्ड वालों को भी नमक देने का निर्णय लिया है. न्यूज 18 क्रिएटिव.

छत्तीसगढ़ सरकार ने एपीएल कार्ड वालों को भी नमक देने का निर्णय लिया है. न्यूज 18 क्रिएटिव.

क्या आपको पता है कि देश के ज्यादातर राज्यों (States) में सरकार का नमक (Salt) खरीदने का अधिकार हर किसी को नहीं है.

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रायपुर. हिंदी सिनेमा जगत की मशहूर फिल्म शोले (Sholay) में एक डायलॉग 'सरकार हमने आपका नमक खाया है..' खूब चर्चित हुआ था. लेकिन क्या आपको पता है कि देश के ज्यादातार राज्यों में सरकार का नमक खरीदने का अधिकार हर किसी को नहीं है. यहां हम बात कर रहे हैं राज्य सरकारों द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में बिकने वाले नमक की. इन दुकानों में सरकार द्वारा बेचे जाने वाले नमक (Salt) को खरीदने का अधिकार बीपीएल (BPL) राशन कार्डधारियों को ही होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किया है. इस नई व्यवस्था के तहत मध्यम वर्गीय और अमीर परिवार के लोग भी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से नमक खरीद सकते हैं.

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) कैबिनेट की बैठक में 13 मई को एक अहम फैसला लिया गया. इसके तहत राज्य के एपीएल (APL) कार्डधारियों को भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से नमक खरीदने की छूट होगी. यहां अब तक ये व्यवस्था बीपीएल कार्डधारियों के लिए थी.

9 लाख से अधिक परिवारों को लाभ का दावा

राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए एक आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में बीपीएल कार्डधारियों की कुल संख्या 56 लाख 4 हजार 653 है. इन कार्डधारियों के लिए नमक का मासिक आवंटन लगभग आठ हजार मेट्रिक टन है. अब एपीएल राशनकार्ड धारी सामान्य परिवारों को एक जून 2020 से 10 रुपए प्रति किलो की दर से अधिकतम 2 किलो नमक प्रति राशन कार्ड प्रति माह शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से देने का निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लाॅकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सामान्य परिवारों को भी राशन दुकानों से नमक देने का आदेश जारी किया गया है. कोरोना के इस संकट में सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 9 लाख 4 हजार एपीएल परिवारों को सीधा लाभ होगा.

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ सरकार ने नमक को लेकर एक अहम फैसला किया है.


नमक के लिए हाहाकर और खपत

छत्तीसगढ़ में पिछले 11 मई को नमक को लेकर एक अफवाह उड़ी. इसमें कहा गया कि प्रदेश में नमक का स्टॉक समाप्त हो गया है. ऐसे में दुकानों में नमक खरीदने वालों की भीड़ लग गई. चार गुना दामों पर प्रति किलो नमक बेचे गए. ये सिलसिला 13 मई तक जारी रहा. इस बीच राज्य के खाद्य विभाग ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, रायगढ़ व अन्य जिलों में छापामारी भी की. तय से ज्यादा मूल्य पर नमक बेचने वालों पर चालानी कार्रवाई की गई.

बता दें कि सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े के मुताबिक प्रदेश में नमक की प्रतिमाह खपत 8 से 10 हजार टन के बीच की है. इस मई माह के नमक आवंटन के अनुसार नमक की कुल उपलब्धता लगभग 11 हजार 532 मीट्रिक टन है. राज्य में नमक के पांच रैक शीघ्र पहुंचने वाले हैं. इनमें 20 मई को पहला रैक रायपुर में तथा दूसरा रैक बिलासपुर में पहुंचने की संभावना है. तीसरा रैक 27 मई को पहुंचने की संभावना है.

नमक के साथ चने की भी व्यवस्था हो

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अ​ध्यक्ष धरमलाल कौशिक का कहना है कि प्रदेश में नमक की किल्लत नहीं है, लेकिन जान-बूझकर अभाव दिखाया गया, ताकि कुछ लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके. बीपीएल के साथ एपीएल कार्डधारियों को नमक देने का निर्णय उचित है, लेकिन सरकार को नमक के साथ ही इस संकट की घड़ी में चना भी एपीएल कार्डधारियों को देने चाहिए.

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