एक लाख प्रवासी मजदूरों की 'घर वापसी' के लिए कितना तैयार है छत्तीसगढ़? 
Raipur News in Hindi

एक लाख प्रवासी मजदूरों की 'घर वापसी' के लिए कितना तैयार है छत्तीसगढ़? 
(सांकेतिक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ में जांच का आंकड़ा 21000 के पार पहुंच चुका हैं, जबकि एक लाख से अधिक श्रमिक और अन्य लोगों को लाने की तैयारी जोरों पर है.

  • Share this:
रायपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर देश और दुनिया इस जुगत में है कि कैसे इस भीषण महामारी से मुक्ति मिले. बात अगर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की करें तो यहां के हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं. 19 मार्च के करीब कोरोना के पहले मरीज से शुरू हुआ सिलसिला आज 59 मरीजों तक पहुंच चुका है. आलम यह है कि राजधानी रायपुर के आधा दर्जन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) घोषित किया गया है. जांच की औसत को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच छत्तीसगढ़ में जांच का आंकड़ा 21000 के पार पहुंच चुका हैं, जबकि एक लाख से अधिक श्रमिक और अन्य लोगों को लाने की तैयारी जोरों पर है.

इनके लौटने के बाद इनकी क्वारंटाइन करने की व्यवस्था, जांच की व्यवस्था, मॉनिंटरिंग बड़ी चुनौती बनी हुई है. इन सब के बीच बीते 3 दिनों से लगातार मिल रहे मरीजों ने व्यवस्था संभालने वालों की जहां एक ओर धड़कनें बढ़ा दी है, तो वहीं आम लोगों के चेहरे पर भी परेशानी साफ तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि छत्तीसगढ़ में कुल 59 मरीजों में से 36 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं.

जांच का आंकड़ा पहुंचा 21000 के पार



छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कोरोना जांच की दर पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. इसी बीच छत्तीसगढ़ में कोरोना जांच की संख्या 22 हजार के पार पहुंच गई है. प्रदेश में अब तक 21323 संदिग्धों की जांच की गई है जिसमें 20300 की जांच रिपोर्ट नेगेटिव रही. तो वहीं कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या हुई 59 हो गई है. साथ ही 965 संदिग्धों की जांच जारी है. आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 23 है.
आलम यह है कि राजधानी रायपुर के आधा दर्जन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है.


कोरबा टॉप पर तो दूसरे स्थान पर पहुंचा दुर्ग

कोरोना पीड़ितों की संख्या को लेकर 28 मरीजों के साथ कोरबा जिला अभी भी टॉप पर बरकरार है. तो वहीं कुल 10 मरीजों के साथ दुर्ग जिला दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है. इस क्रम में 07 मरीजों के साथ राजधानी रायपुर तीसरे स्थान पर तो 06-06 मरीजों के साथ सूरजपुर और कवर्धा क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर है. बिलासपुर और राजनांदगांव 01-01 मरीज के साथ अंतिम पायदान पर काबिज है.

छत्तीसगढ़ में कुल 59 मरीजों में से 36 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं.


व्यवस्था होगी बड़ी चुनौत

छत्तीसगढ़ के श्रमिक सहित अन्य लोग जो दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं या फिर यूं कहें कि अन्य राज्यों में रह रहे हैं उन्हें छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी जोरों पर है. श्रम विभाग की मानें तो तकरीबन 117000 मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. तो वहीं अन्य लोगों की भी तादात अच्छी खासी है जिनके छत्तीसगढ़ लौटने पर जांच, क्वारंटाइन सहित आइसोलेशन की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. क्योंकि छत्तीसगढ़ में मौजूदा स्थिति में सरकारी क्वारंटाइन सेंटर की संख्या 145 है जिसकी क्षमता 2800 के करीब ही है. ऐसे में एक लाख से अधिक लोगों के लौटने पर उन्हें कैसे संभाला जाएगा यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है. हालांकि सरकार की ओर से तय किया गया है कि जो भी लोग दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटेंगे उन्हें होम क्वारंटाइन या सेल्फ आइसोलेशन पर रहना होगा.

ये भी पढ़ें: 

कवर्धा: क्वारंटाइन सेंटर में घुसा शराबी जबरन मजदूरों के साथ सोया, अब कार्रवाई में फंसी पुलिस

रायपुर का कंटेनमेंट जोन लगातार दूसरे दिन सैनिटाइज, पर अब भी नहीं मिली मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज