बेटी को सरकारी स्कूल में पढ़ा सुर्खियां बंटोर चुके हैं FB पर अपनी मार्कशीट शेयर करने वाले ये IAS

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कलेक्टर व 2009 बैच के आईएएस अवनीश शरण अपनी कक्षा दसवीं की मार्कशीट फेसबुक पर शेयर कर इन दिनों चर्चा में हैं.

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Updated: May 15, 2019, 5:14 PM IST
बेटी को सरकारी स्कूल में पढ़ा सुर्खियां बंटोर चुके हैं FB पर अपनी मार्कशीट शेयर करने वाले ये IAS
आईएएस अवनीश शरण. फाइल फोटो.
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Updated: May 15, 2019, 5:14 PM IST
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कलेक्टर व 2009 बैच के आईएएस अवनीश शरण अपनी कक्षा दसवीं की मार्कशीट फेसबुक पर शेयर कर इन दिनों चर्चा में हैं. दरअसल राज्य के रायगढ़ जिले के एक 18 साल के छात्र ने बोर्ड परीक्षा में दूसरी बार फेल हो जाने के कारण खुदकुशी कर ली. इस खबर को अखबार में पढ़ने के बाद आईएएस अवनीश ने फेसबुक पर अपने बोर्ड परीक्षा के नंबर साझा किये. इसमें बताया कक्षा दसवीं उन्हें सिर्फ 44 प्रतिशत अंक ही मिले थे. 2009 बैच के आईएएस अवनीश कुमार शरण ने छात्रों को समझाया कि जीवन में कम नंबर या फेल हो जाने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती है.

ये पहला मौका नहीं है, जब अवनीश शरण कुछ अलग कर चर्चा में आए हों. इससे पहले बलरामपुर जिले में कलेक्टर रहते आईएएस शरण ने अपनी बेटी वेदिका शरण का दाखिला जिला मुख्यालय में स्थित सरकारी स्कूल प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में कराया था. उनका मानना था कि हमें सरकारी संस्थाओं में यकीन करना चाहिए तभी उनकी हालत सुधर सकती है. इसके बाद वे खूब सुर्खियों में रहे.



अपनी बेटी के साथ सरकारी स्कूल में खाना खाते अवनीश शरण. फाइल फोटो.


अवनीश का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है. उन्होंने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में बताया था कि उनके घर में बिजली की सुविधा नहीं थी, इसलिए उन्हें लालटेन की रोशनी में पढ़ाई की थी. सरकारी स्कूलों का नाम सुनते ही हमारे मन में एक बदहाल व्यवस्थाओं से घिरी इमारत की तस्वीर उभर कर सामने आती है. आमतौर पर गांव के सरकारी स्कूलों में वंचित तबके के बच्चे ही पढ़ने जाते हैं. जहां की शिक्षा व्यवस्था लगभग भगवान भरोसे ही रहती है. कलेक्टर अवनीश शरण शिक्षा के मामले में हमेशा सजग रहते हैं और हमेशा इस क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान करते रहते हैं.

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