नोटिस के बावजूद EOW ऑफिस नहीं पहुंचे निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता, एक महीने का मांगा समय

शनिवार को भी मुकेश गुप्ता ने अपने वकील के माध्यम से आवेदन भेज अनुपस्थि रहने की जानकारी दी.

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: July 6, 2019, 5:49 PM IST
नोटिस के बावजूद EOW ऑफिस नहीं पहुंचे निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता, एक महीने का मांगा समय
EOW ऑफिस नहीं पहुंचे मुकेश गुप्ता.
Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: July 6, 2019, 5:49 PM IST
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित घोटालों में शामिल नान घोटाले मामले में निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता शनिवार को भी ईओडब्ल्यू ऑफिस नहीं पहुंचे. शनिवार को भी मुकेश गुप्ता ने अपने वकील के माध्यम से आवेदन भेज अनुपस्थि रहने की जानकारी दी. मीडिया से चर्चा करते हुए मुकेश गुप्ता के वकील आमीन खान ने बताया कि  मुकेश गुप्ता अपनी बेटी के एडमिशन के सिलसिले में प्रदेश से बाहर हैं और पूर्व की नोटिस में भी इस बात की जानकारी दे चुके है. तो वहीं ईओडब्ल्यू के उप पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर ने मुकेश गुप्ता के नहीं पहुंचने की पुष्टि की है.

बता दें कि नान घोटाल में अपराध क्रमांक 7 के तहत मुकेश गुप्ता को शनिवार को बयान दर्ज कराने के लिए ईओडब्ल्यू ऑफिस बुलाया गया था. लेकिन वे पेश नहीं हुए. इससे पहले मुकेश गुप्ता को 27 जून को  अपराध क्रमांक 6 के तहत नोटिस जारी हुआ था. लेकिन वे उस दिन भी नहीं पहुंचे थे. बता दें कि मुकेश गुप्ता ने  ईओडब्ल्यू से एक महीने का समय भी मांगा है.

 

क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद नान घोटाले पर जांच के आदेश दिए गए. तब ये खुलासा हुआ था कि छापे के पहले नान के अफसरों और कर्मचारियों का फोन टेप हो रहा था. इसके पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन डीजी मुकेश गुप्ता, एसपी रजनेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया. इस मामले में ईओडब्ल्यू के ही डीएसपी आरके दुबे ने डीजी और एसपी के खिलाफ बयान दिया था कि उनके दबाव में उन्होंने अफसरों के फोन अवैध रूप से टेप करवाने का आदेश जारी किया. हालांकि बाद में दुबे का बयान विवादों में पड़ गया.

बयान देने के बाद आरके दुबे ने हाईकोर्ट में हलफनामा दे दिया कि उन पर दबाव डालकर बयान लिखवाया गया था. कुछ दिनों बाद उन्होंने फिर हाईकोर्ट में नया हलफनामा देकर अपने पिछले शपथपत्र को गलत ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह के कहने पर ही अवैध तरीके से अफसरों का फोन टेप किया गया. इसी मामले में मुकेश गुप्ता को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था.

ये भी पढ़ें: 
Loading...

कांकेर में तेज रफ्तार बस ने राह चलते पुलिस जवान को रौंदा, मौत

बैगा आदिवासियों की पिटाई के मामले ने पकड़ा तूल, वन विभाग पर कार्रवाई की मांग 
First published: July 6, 2019, 5:45 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...