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नक्सल समस्या से मुक्त हुए क्षेत्रों में खुला विकास का नया अध्याय

नक्सल समस्या से मुक्त हुए क्षेत्रों में खुला विकास का नया अध्याय

छत्तीसगढ़ के बस्तर में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है.

छत्तीसगढ़ के बस्तर में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है.

छत्तीसगढ़ के बस्तर में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है.

बस्तर में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है. बस्तर के ऐसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र जो अब नक्सल समस्या से मुक्त हो चुके हैं, उन स्थानों में विकास के काम तेजी से शुरू किए जाएंगे.

इन मुक्त क्षेत्रों को विकास से जोड़ना है. इसके लिए स्कूल, पंचायत, पेयजल, संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना पहली प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पर्याप्त सुरक्षा के उपायों का जिक्र करते हुए ऐसे क्षेत्रों में सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों सहित विभागाध्यक्षों से यह अपेक्षा की है कि वे इन क्षेत्रों में उक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्र के मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ क्षेत्र भ्रमण करें और ऐसे कार्यों को प्रारंभ भी कराएं.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में प्राधिकरण की 22वीं बैठक हुई. बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि नक्सलवाद के प्रभास से मुक्त क्षेत्रों में विकास के काम शुरू किए जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जो क्षेत्र नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए हैं, वह सभी की भागीदारी से संभव हुआ है.

अब ऐसे इलाकों में सारे कार्य प्रारंभ करने में कोई भी देरी नहीं की जाएगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन क्षेत्रों में सड़क बनने का काम शुरू किए गए हैं, उन क्षेत्रों में समानांतर रूप से विद्युत लाइन विस्तार का कार्य योजना बनाकर शुरू किया जाए. माह अप्रैल से इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया जाएगा.

बैठक में आगामी ग्रीष्म काल को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया है कि वे पेयजल के समस्त जलस्रोतों का परीक्षण करा लें और मरम्मत तथा संधारण कार्यों को पूरा करा लें. बैलाडीला पहाड़ी के चारों ओर लाल पानी की समस्या से ग्रसित 100 गांवों का सर्वे कर सौर ऊर्जा से संचालित पंपों के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने संबंधी लिए गए पूर्व के निर्णय पर चर्चा की गई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल पानी से प्रभावित क्षेत्रों के चिन्हांकित ग्रामों की बसाहटों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए वर्तमान में 16 ग्रामों की 33 बसाहटों के लिए सोलर ऊर्जा चलित पंप की स्थापना कर पेयजल प्रदाय हेतु दो करोड़ 23 लाख रूपए की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है.

मुख्यमंत्री ने इस काम को एक माह के भीतर काम शुरू कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र वासियों को लाल पानी से मुक्ति के लिए इस काम को अभियान के रूप में लें. इसी प्रकार विकासखंड डौंडी के दल्लीराजहरा खदान क्षेत्र के पास लौह अयस्क के कारण प्रदूषित पानी की समस्या वाले 75 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पांच करोड़ 23 लाख रूपए की कार्य योजना बनाई गई है.

इस कार्य योजना के मुताबिक मार्च के पूर्व स्वीकृति लेकर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. लागत से डूएल-ऑपरेटेड सोलर पंपों के जरिए पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं.

बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव के अनुरूप प्राधिकरण क्षेत्रों के 319 भवनविहीन पंचायतों के लिए तीन करोड़ 19 लाख रूपए की स्वीकृति के अनुरूप सभी पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए.

वहीं उन्होंने बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई जानकारी और सुझाव के अनुरूप अन्य भवनविहीन पंचायतों के लिए भी राशि जारी करने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि मनरेगा के काम में नालाबंधान, कुआं खुदाई और पेयजल संकट से जूझने कार्यों सहित नए स्पॉट-सोर्स योजना के कार्यों को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने जो विषय उठाएं हैं वे महत्वपूर्ण हैं. उन्हें हर हालत में पूरा किया जाएगा.

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Tags: Raman singh, छत्तीसगढ़

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