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स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का पालन नहीं कर रहे Doctor

Yugal Tiwari | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 11:36 AM IST
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का पालन नहीं कर रहे Doctor
File Photo
Yugal Tiwari | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 11:36 AM IST
रायपुर स्वास्थ्य विभाग ने दो वर्ष पूर्व एक निर्देश जारी किया था. निर्देश में सभी निजी और शासकीय चिकित्सकों को कैपिटल अक्षरों में दवा प्रिसकाइब करनें कहा गया था. अब इस आदेश का पालन होता राज्य में नहीं दिख रहा. निजी चिकित्सक तो करस्यू रायटिंग में दवा लिख रहें है साथ ही साथ शासकीय चिकित्सकों द्वारा इस आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा.

राज्य में जिस गति से औद्योगिकरण हुआ उसके बाद प्रदेश में मरीजों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा हुआ है. प्रदूषण के साथ साथ अनियमित दिनर्चया ने लोगों को मरीज बना दिया है. राज्य में 500 से अधिक दवा कंपनियों का उत्पाद दवा के रूप में बाजार में उपलब्ध है. चिकित्सक इन दवाओं को मरीजों के लिए प्रिसकाइब करते हैं. लेकिन करस्यू राइटिंग मरीजों के साथ ही दवा व्यवसाइयों के लिए सिर दर्द साबित होता है.

इसी समस्या से निजात पाने राज्य शासन ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों को कैपिटल अक्षर पर दवा लिखने निर्देश जारी किया था. हालात यह है कि पढ़े लिखे लोग भी चिकित्सकों के दवा पर्ची को पढ़ नहीं पा रहें हैं. मरीज रत्ना राय बताते हैं कि डॉ. कौन सी दवाई लिखे हैं, उन्हें पता नहीं होता है. ऐसे में मेडिकल संचालक द्वारा दी गई दवाई को क्रॉस चेक करने में परेशानी होती है.

मेडिकल स्टेर संचालक केशवराम भी बताते हैं कि करस्यू लेटर में लिखे होने के कारण कई बार दवाइयों के नाम उन्हें समझ में नहीं आते हैं. इससे परेशानी होती है. बता दें कि चिकित्सकों और मरीजों के बीच बेहतर वातावरण बने और मरीजों को उचित दवा मिल सके इस लिए शासन ने निर्देश जारी किया गया था.

हालांकि रायपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके आदिले का कहना है कि निर्देश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है. पालन करवाने के लिए मॉनिटरिंग की जाएगी.
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