पर्यावरण दिवस विशेष: रायपुर में सुंदर बनाने के चक्कर में पेड़ों को नुकसान पहुंचा रही सरकार

एक्टिविस्ट का दावा है कि रंगने से पेड़ जल्द सुख जाएंगे.

एक्टिविस्ट का दावा है कि रंगने से पेड़ जल्द सुख जाएंगे.

World environment day 2021: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में सौंदर्यीकरण के दौरान सड़क किनारे लगे कई पेड़ों को रंगा गया है. इनमें आकर्षक पेंटिंग बनाई गई है, लेकिन पर्यावरण अधिकार कार्यकर्ता इसे पेड़ों के लिए बेहद खतरनाक बता रहे हैं.

  • Share this:

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में सौंदर्यीकरण के दौरान सड़क किनारे लगे कई पेड़ों को रंगा गया है. इनमें आकर्षक पेंटिंग बनायी गयी है, लेकिन एनवायरमेंट एक्टिविस्ट इसे पेड़ों के लिए बेहद खतरनाक बता रहे हैं और ये दावा कर रहे हैं कि इस वजह से पेड़ आने वाले दिनों में सूख जाएंगे. कोरोना काल में जहां कई लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई वहीं ऑक्सीजन देने वाली हरे भरे वृक्षों को मारने के लिए सरकारी खर्च से पेड़ों में पेंट लगाया जा रहा है जिससे पेड़ सूखने लगा है. राजधानी की सड़कों के किनारे लगे पेड़ों को और ज्यादा खूबसूरत बनाने के चक्कर में उन्हे नुकसान पहुंचाया जा रहा है. जिसे लेकर शहर के पर्यावरणविद् और एक्टिविस्ट ने नाराज़गी जाहिर की है और बकायदा पत्र लिखकर इसकी शिकायत मुख्य सचिव से भी की गयी है.

एनवायरमेंट एक्टिविस्ट अन्यतम शुक्ला का कहना है कि सौंदर्यीकरण के नाम से कई विभागों द्वारा पेड़ों के तनों में पेंटिंग कर पेड़ों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है, पेड़ों के तनों में पेंट करना उनके लिए नुकसानदेह साबित होता है, पेंट में मिले कैमिकल तनों की छालों के जरिए अंदर चले जाते हैं जिससे धीरे-धीरे पेड़ सूखने लगते हैं.

ऐसा पहली बार नहीं

शहर के महापौर एजाज ढेबर का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा जब पेड़ों पर पेंटिंग कर उसे सजाया गया हो. ढेबर ने कहा कि पर्यावरणविद और एक्टिविस्टों के पास कोई उदाहरण हो तो वे उन्हें बतायें जिसमें पेड़ों को रंगने की वजह से वे सूख गये हों यदी ऐसा कोई उदाहरण वे बताते हैं तो वे तुरंत पेड़ों को रंगने का काम बंद कर देंगे और जिन पेड़ों को रंगा गया है उनके भी पेंट हटाया जाएंगे. बहरहाल रायपुर में पेड़ों को कुछ महीनों के दौरान ही रंगा गया है और इसके नतीजे तुरंत नहीं बल्कि आने वाले दिनों में दिखाई देंगे इसलिए पहले ही सजग होना बेहद जरूरी है, क्योंकि सौंदर्यीकरण के चक्कर में ये पेड़ ठूंठ बनकर ना रह जाएं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज