इस हाई प्रोफाइल सीट पर प्रदेश की नजर, क्या कांग्रेस के इस कद्दावर नेता को फिर मिलेगी जीत

Preeti George | News18 Chhattisgarh
Updated: November 29, 2018, 5:43 PM IST
इस हाई प्रोफाइल सीट पर प्रदेश की नजर, क्या कांग्रेस के इस कद्दावर नेता को फिर मिलेगी जीत
भूपेश बघेल
Preeti George | News18 Chhattisgarh
Updated: November 29, 2018, 5:43 PM IST
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब नतीजों का सबको बेसब्री से इंतजार है. इस बार के विधानसभा चुनाव में कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. छत्तीसगढ़ विधानसभा की कुल 90 सीटों में से 25 से अधिक हाई प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला रोचक हो गया है. ऐसा ही एक हाई प्रोफाइल सीट है दुर्ग का पाटन विधानसभा. प्रदेशभर की निगाहे दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट पर टिकी हुई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की वजह से ये सीट और भी कास हो जाती है. बात अगर बीते तीन चुनावों की करें तो इस सीट पर चाचा-भतीजा वॉर रहा है. पाटन सीट पर दो बार भूपेश बघेल तो एक बार उनके भतीजे विजय बघेल ने जीत हासिल की है.

 

पाटन विधानसभा सीट पर एक नजर

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल की वजह से पाटन एक हाईप्रोफाइल सीट बन जाता है. पीसीसी अध्यक्ष होने की वजह से भूपेश बघेल हमेशा से ही राजनीतिक पार्टियों के रडार पर रहे. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से भी भूपेश बघेल का छत्तीस का आंकड़ा रहा इस वजह से वे जोगी कांग्रेस के निशाने पर भी रहे. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों वाला पाटन इलाका हमेशा से ही राजनीति का केंद्र रहा. पिछले तीन चुनाव में इस सीट पर चाचा-भतीजे का मुकाबला देखने को मिला. दो चुनाव में जहां भूपेश बघेल ने जीत हासिल की तो वहीं एक चुनाव में विजय बघेल ने जीत का सेहरा अपने नाम किया.

 

पाटन विधानसभा के पिछले चुनावी नतीजे

2003 के परिणाम
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कांग्रेस के भूपेश बघेल को 44217 वोट मिले थे.

एनसीपी के विजय बघेल को 37308 वोट मिले थे.

 

2008 के नतीजे

बीजेपी के विजय बघेल को 59000 वोट मिले थे.

कांग्रेस के भूपेश बघेल को 51158 वोट मिले थे.

 

2013 के नतीजे

कांग्रेस के भूपेश बघेल को 68185 वोट मिले थे.

बीजेपी के विजय बघेल को 58442 वोट मिले थे.

 

क्या कहता है इस सीट का चुनावी समीकरण

पाटन विधानसभा सीट में साहू वोटरों की संख्या ज्यादा है. इस फैक्टर को भाजपा ने इस बार के चुनाव में भूनाने की कोशिश की है. पाटन विधानसभा सीट से भाजपा ने मोतीलाल साहू को मैदान में उतारा है. कास्ट फैक्टर को आधार रखकर भाजपा ने इस सीट पर अपना मास्टर स्ट्रोक खेला है. बात अगर 2013 के चुनाव की करें तो पाटन विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत हुई थी. विजय बघेल ने भूपेश बघेल को मात दी थी. लेकिन इस बार भाजपा ने अपना पैतरा बदला है. रिश्तेदारों को चुनावी मैदान में आमने-सामने न कर कर भाजपा ने कास्ट फैक्टर के तहत साहू समाज से प्रत्याशी को टिकट दी. अगर कांग्रेस इस फैक्टर को अपने तरफ मोड़ने में कामयबाद हो जाती है तो जीत का रास्ता थोड़ा आसान हो सकता है. गौरतलब हो कि मोतीलाल साहू तैलीय साहू महासमाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष है और साहू समाज में अपनी खासी पकड़ रखते है. अब देखना होगा कास्ट फैक्टर का फायदा किस पार्टी को कितना मिलता है.

 

जानिए, पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल से जुड़ी ये खास बातें....

भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को दुर्ग जिले के पाटन तहसील में हुआ था. कुर्मी समाज में इनका खासा जनाधार देखने को मिलता है. तेज तर्रार राजनीति और बेबाक अंदाज के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल जाने जाते है. किसानों के मुद्दों पर आक्रामक कौशल के लिए वे काफी फेमस भी हैं. साल 1985 में उन्होने यूथ कांग्रेस ज्वॉइन किया. 1993 में जब मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए, तो पहली बार पाटन विधानसभा से वे विधायक चुने गए. उन्होंने बीएसपी के केजूराम वर्मा को मात दी थी. इसके बाद अगला चुनाव भी वे पाटन से ही जीते जिसमे उन्होने बीजेपी के निरुपमा चंद्राकर को हराया.

जब मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार बनी, तो भूपेश बघेल कैबिनेट मंत्री बने. साल 1990-94 तक जिला युवा कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के वे अध्यक्ष रहे. 1994–95 में मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष चुने गए. साल 1999 में मध्य प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री और साल 1993 से 2001 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर की जिम्मेदारी भूपेश बघेल ने संभाली.

साल 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य बना और कांग्रेस की सरकार बनी तब जोगी सरकार में वे कैबिनेट मंत्री रहे. 2003 में कांग्रेस जब सत्ता से बाहर हुई तो भूपेश को विपक्ष का उपनेता बनाया गया. साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में पाटन से उन्होने जीत दर्ज की. 2008 में बीजेपी के विजय बघेल से भूपेश चुनाव हार गए. फिर साल 2013 में पाटन से उन्होने जीत दर्ज की. 2014 में उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया.

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