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डीकेएस अस्पताल घोटाले में बड़ा खुलासा, फर्जी हस्ताक्षर से लिया गया था 65 करोड़ का लोन

डॉ. पुनीत गुप्ता (फाइल फोटो).
डॉ. पुनीत गुप्ता (फाइल फोटो).

मालूम हो कि PNB के पूर्व डीजीएम सुनील अग्रवाल ने उसी बैलेंसशीट को बैंक में फॉरवर्ड कर अस्पताल के नाम पर लोन दिलवाया था.

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डीकेएस (दाऊ कल्याण सिंह) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुए घोटाले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. बताया जा रहा है कि डीकेएस अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता ने फर्जी बैलेंसशीट बनवाया था. साथ ही इस बैलेंसशीट में सीए के फर्जी तरीके से हस्ताक्षर उन्होने करवाया. इन्ही फर्जी दस्तावेजों के बदौलत पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 65 करोड़ का लोन लिया गया. मिली जानकारी के मुताबिक फॉरेंसिक जांच में बैलेंसशीट में किए गए सीए के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए है. मालूम हो कि PNB के पूर्व डीजीएम सुनील अग्रवाल ने उसी बैलेंसशीट को बैंक में फॉरवर्ड कर अस्पताल के नाम पर लोन दिलवाया था.

बता दें कि डीकेएस अस्पताल में 50 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े का आरोप अस्पताल के पूर्व अधीक्षक ने डॉ. पुनीत गुप्ता पर लगा है. वर्तमान अधीक्षक डॉ. केके सहारे ने मामले की विभागीय जांच कराने के बाद इस मामले में 15 मार्च को गोल बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कराया था. इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने कई बार पुनीत गुप्ता को नोटिस जारी किया, लेकिन वे थाने में उपस्थित नहीं हुए थे. इसी बीच पुनीत गुप्ता को हाईकोर्ट से 25 अप्रैल को राहत मिल गई थी. अब डॉ. पुनीत गुप्ता ने लुकआउट नोटिस रद्द करने की मांग की है.

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