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अब तक नहीं हुई नालियों की सफाई, मानसून में क्या फिर डूब जाएगा रायपुर?

रायपुर में नालियों की है ऐसी हालत.
रायपुर में नालियों की है ऐसी हालत.

शहर में डेढ़ सौ से ज्यादा नाले हैं लेकिन नालों की सफाई का काम अब भी अधूरा है, जिसे शायद मानसून के पहुंचने तक भी पूरा नहीं कराया जा सकता.

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छत्तीसगढ़ में मानसून 10 से 15 जून तक दस्तक दे सकता है. इसके बावजूद राजधानी में जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम की तैयारी अधूरी है. शहर में डेढ़ सौ से ज्यादा नाले हैं लेकिन नालों की सफाई का काम अब भी अधूरा है, जिसे शायद मानसून के पहुंचने तक भी पूरा नहीं कराया जा सकता. रायपुर में भले ही तेजी से नालों की सफाई का काम करने की बात कही जा रही हो, लेकिन मानसून से पहले काम पूरा होने के आसार, कहीं दिखायी नहीं दे रहे है. अगर तेज बारिश हुई तो फिर पूरी राजधानी पानी-पानी होगी, क्योंकि नगर निगम के पास बमुश्किल माह भर का ही समय बचा है. अगर सभी नालों की सफाई तली तक हो जाए तभी संभव है कि बस्तियों में पानी नहीं घुसेगा और सड़कों में पानी नहीं भरेगा. ऐसे में 150 से ज्यादा नालों की सफाई करना नगर निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन निगम महापौर और कमिश्नर का ये दावा है कि नालों की सफाई का काम मानसून से पहले पूरा हो जाएगा.

राजधानी में डूबान वाले इलाके

जल विहार कॉलोनी, शंकर नगर, अवंति विहार, खम्हारडीह रेल लाइन बस्ती, शान्ति नगर, शैलेन्द्र नगर, कटोरा तालाब, श्याम नगर, जगन्नाथ नगर, तेलीबांधा, गीतांजली नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, देवेन्द्र नगर के लावा दर्जनों छोटी-बड़ी कालोनियां, मोहल्ले और बस्ती के कई हिस्सों में पानी भर जाता है. कुछ जगह तो घरों में दो-दो फुट तक पानी भरा रहता है। नाले और नालियां नहीं होने की वजह से या ओवरफ्लो होने के कारण सड्‌ढू, अमलीडीह में तो रास्ते बंद हो जाते है. बारिश के तीन-चार महीने शहर की यही स्थिति रहती है.



महापौर प्रमोद दुबे का कहना है कि नालों की सफाई का काम शुरू हो चुका है. समय सीमा पर काम पूरा हो जाएगा. हमने सरकार को उन इलाकों की जानकारी दे दी थी जहां जलभराव होता है. नगर निगम की सीमा में हमने काम किया है. वहीं नगर निमग कमिश्नर शिव अनंत तायल का कहना है कि बस्तियों और प्रमुख इलाकों से गुजरने वाली नालों की सफाई के काम के लिए मशीन लगा दी गई है. नालों पर जब गंदगी रहती है तो फडिंग की समस्या होती है. हमारी प्राथमिका है कि ऐसी स्थिति से बचा जाए. निगम के उपनेता प्रतिपक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने महापौर और कमिश्नर के दावों को झूठा करार दिया है. उपनेता प्रतिपक्ष का कहना है कि बड़े नालों की सफाई अब तक सही तरीके से शुरू भी नहीं हुई और जहां सफाई के लिए मशीने पहुंची वहां महज़ खानापूर्ति की जा रही है.
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