Exit Poll 2019: इस नेता की रणनीति से लोकसभा चुनाव में बचेगी छत्तीसगढ़ बीजेपी की साख!

लोकसभा चुनाव 2019 में जनता का फैसला वैसे तो 23 मई को ही जनता के सामने आयेगा, लेकिन इससे पहले सामने आए एग्जिट पोल ने बीजेपी को राहत जरूर दे दी है.

News18Hindi
Updated: May 20, 2019, 12:08 PM IST
Exit Poll 2019: इस नेता की रणनीति से लोकसभा चुनाव में बचेगी छत्तीसगढ़ बीजेपी की साख!
सौदान सिंह. फाइल फोटो.
News18Hindi
Updated: May 20, 2019, 12:08 PM IST
विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ की राजनीति में वो हुआ, जो पहले कभी नहीं हुआ था. 15 साल तक सूबे में सत्ता करने वाली बीजेपी को कुल 90 में से महज 15 सीटों पर ही जीत मिली. जबकि विपक्ष में रहने वाली कांग्रेस को जनता ने 68 सीटों का बंपर बहुमत दिया. विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद लगा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने अपना जनमत बूरी तरह खो दिया है और इसका असर लोकसभा चुनाव 2019 में भी देखने को मिलेगा.

लोकसभा चुनाव 2019 में जनता का फैसला वैसे तो 23 मई को ही जनता के सामने आयेगा, लेकिन इससे पहले सामने आए एग्जिट पोल ने बीजेपी को राहत जरूर दे दी है. छत्तीसगढ़ बीजेपी के लिए बड़ी राहत ये है कि एग्जिट पोल में सूबे की कुल 11 लोकसभा सीटों में से औसतन 7 से 9 सीटें जीतने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है. यदि ये आंकड़े परिणाम में तब्दील हो जाते हैं तो इसमें बड़ी भूमिका छत्तीसगढ़ बीजेपी के चुनावी रणनीतिकार सौदान सिंह की होगी.



PM Narendra Modi & Amit Shah. File Photo.


टिकट बदलने की नीति

भारतीय जनता पार्टी के सहसंगठन मंत्री सौदान सिंह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी सौदान सिंह की लोकसभा चुनाव में रणनीतिकार की भी भूमिका दी गई. प्रदेश में इस बार बीजेपी ने बड़ा प्रयोग करते हुए सभी सांसदों की टिकट काटकर नये चेहरों को मैदान में उतारा है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस नीति को तैयार करने में सौदान सिंह प्रमुख ​भूमिका में थे. एग्जिट पोल में इसका फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है.

मूलत: मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के कागपुर के रहने वाले सौदान सिंह ने संघ के विस्तारक के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. भोपाल के संभागीय संगठन मंत्री समेत अनेक पदों पर रहने वाले सौदान सिंह को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी का भी नजदीकी माना जाता है. साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ही वे यहां बीजेपी संगठन की जिम्मेदारी देख रहे हैं.

सौदान सिंह. फाइल फोटो.

Loading...

अब तक एक रणनीति ही फेल
सौदान सिंह को बीजेपी का चाणक्य भी कहा जाता है. बीजेपी के पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी की मानें तो साल 2000 के बाद प्रदेश में हुए अब तक के सभी विधानसभा व लोकसभा चुनावों में सौदान सिंह बीजेपी के चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभाते आ रहे हैं. अब तक सिर्फ साल 2018 के विधानसभा चुनाव में ही उनकी रणनीति फेल हुई है. इसके अलावा सभी चुनावों में बीजोपी को लाभ ही मिला है.
ये भी पढ़ें: Lok Sabha Election Exit Poll 2019: जानिए छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस को किसने दी कितनी सीटें 
ये भी पढ़ें: Exit Poll 2019: 2014 के चुनाव में छत्तीसगढ़ में करीब-करीब सटीक था एग्जिट पोल 
ये भी पढ़ें: विजय बघेल: अब के सीएम भूपेश बघेल को दे चुके हैं मात, दुर्ग से दे रहे 'सरकार' को टक्कर 
ये भी पढ़ें: दीपक बैज: बस्तर के 'हीरो', 20 साल बाद रोकेंगे बीजेपी का विजय रथ! 
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...