Fact Check: क्या तेजी से कोरोना वायरस फ्री जोन की ओर बढ़ रहा है छत्तीसगढ़?

राज्य अब तक मिले कोविड-19 के संक्रमित मरीजों में 90 फीसदी ठीक हो चुके हैं.
राज्य अब तक मिले कोविड-19 के संक्रमित मरीजों में 90 फीसदी ठीक हो चुके हैं.

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला केस 18 मार्च 2020 को रजिस्टर्ड किया गया था. इसके बाद 4 अप्रैल तक कुल 10 पॉजिटिव केस मिले. उनमें से अब 9 डिस्चार्ज हो चुके हैं.

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रायपुर. देश में एक ओर जहां कोविड-19 के रोज दर्जनों नए मामले सामने आ रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण के 10 केस ही अब तक सामने आए और इनमें से 9 मरीज ठीक हो चुके हैं. यानी राज्य अब तक मिले कोविड-19 के संक्रमित मरीजों में 90 फीसदी ठीक हो चुके हैं. इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा चुका है. 5 अप्रैल की शाम को राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना मेडिकल बुलेटिन में जानकारी दी गई कि कोविड-19 के 2 संक्रमित मरीजों का ही इलाज अब किया जा रहा है, तो बाकी को डिस्चार्ज किया जा चुका है. 5 अप्रैल को ही 4 लोगों को डिस्चार्ज किया गया. इसके बाद 6 अप्रैल को एक और मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया. इतना ही नहीं पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामले भी सामने नहीं आए हैं.

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला केस 18 मार्च 2020 को रजिस्टर्ड किया गया था. इसके बाद 3 अप्रैल तक कुल 10 पॉजिटिव केस मिले. 5 अप्रैल तक ही उनमें से 8 डिस्चार्ज हो चुके थे. इसके बाद से सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है. इसमें लोग मुख्यमंत्री व राज्य सरकार को बधाई दे रहे हैं और छत्तीसगढ़ के तेजी से कोरोना फ्री जोन की ओर बढ़ने का दावा कर रहे हैं. कोविड 19 संक्रमित प्रदेश का 9वां मरीज 6 अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया.


क्या सच में जल्द ही छत्तीसगढ़ कोरोना फ्री जोन बनने जा रहा है? इसके बारे में जानेंगे, लेकिन इससे पहले प्रदेश में कोरोना वायरस से जंग में आंकड़ों की हकीकत को जानते हैं?
आंकड़ों का जाल


राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए एक आंकड़े के मुताबिक प्रदेश में 70 हजार 456 कोरोना संक्रमण के संदिग्ध लोग होम क्‍वारंटाइन में रखे गए हैं. छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए राज्य नोडल अधिकारी (होम क्वारंटाइन और मीडिया प्रभारी) डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने न्यूज़ 18 को बताया कि इसके अलावा सरकारी व्यवस्थाओं में 146 लोग क्‍वारंटाइन में हैं. कुल क्‍वारंटाइन लोगों में 2151 लोग विदेश से छत्तीसगढ़ आने वाले और करीब 60 हजार ऐसे संदिग्ध हैं, जो अधिक संक्रमित प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में आए लोग व उनके परिजन, लॉकडाउन के बाद पलायन कर आने वाले मजदूर, बाकी तबलीगी जमात से जुड़े लोग और संदिग्ध मरीजों के संपर्क में आने वाले लोग व उनके परिजन हैं. संदिग्ध मरीजों की पहचान व खोजबीन अब भी जारी है.

Coronavirus
कोरोना वायरस के संक्रमण के संदिग्ध लोगों की तुलना में सैंपल की जांच का प्रतिशत काफी कम है. सांकेतिक फोटो.


3 प्रतिशत संदिग्धों की भी जांच नहीं
राज्य सरकार द्वारा 5 अप्रैल को जारी कोरोना बुलेटिन में बताया गया कि अब तक राज्य में 1949 कोविड-19 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई. इनमें से 1888 की रिपोर्ट निगेटिव, 10 की पॉजिटिव व बाकी की जांच रिपोर्ट आनी बाकी थी. यानी राज्य में अब तक के कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल संदिग्ध लोगों में से 3 प्रतिशत लोगों के सैंपल की जांच भी नहीं की जा सकी है.

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जांच की सांकेतिक फोटो.


अब तय होगी प्राथमिकता
नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में अभी तक जांच का केन्द्र विदेश से आए नागरिक, अधिक लक्षण वाले मरीज और तबलीगी जमात से जुड़े सदस्य थे. कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए बनी स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम अब तय करने जा रही है कि प्रदेश में संदिग्ध अन्य लोगों के सैंपल जांच करने की प्राथमिकता क्या होगी. इसके अलावा नए कितने संदिग्ध ट्रेस होते हैं, उनकी रिपोर्ट क्या आती है. ये सब तय करेंगे कि आने वाले हालात किस ओर जाएंगे.

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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रर टीएस सिंहदेव. फाइल फोटो.


क्या बढ़ रहे हैं कोरोना फ्री जोन की ओर?
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव न्यूज़ 18 से बातचीत में कहते हैं- 'जल्दबाजी में यदि कोरोना संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए की गई सख्ती खत्म करते हैं तो बहुत ही गलत कदम साबित हो सकता है. क्योंकि अभी तक तो कुल संदिग्धों की जांच की व्यवस्था की जा रही है. प्रदेश में कोरोना के रैपिड टेस्ट की व्यावस्था की जा रही है. टेस्ट के लिए 5 हजार किट और मंगाई गई है. इसके अलावा जांच का दायरा और बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है. फिलहाल राज्य सरकार हर स्तर पर कोरोना से लड़ने की तैयारी में है. 10 में से 9 मरीजों का ठीक होना शुभ संकेत है, लेकिन फिलहाल प्रदेश को कोरोना फ्री जोन की ओर बढ़ने की बात कहना भी जल्दबाजी है.'

Chhattisgarh News
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खत लिखा.


सीएम ने जताई चिंता
कोरोना संक्रमण के फैलने के खतरे को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने पीएम नरेन्द्र मोदी को खत लिखा है. इसमें उन्होंने 21 दिनों के बाद लॉकडाउन खत्म होने के बाद की स्थिति को लेकर चिंता जताई है. सीएम भूपेश ने पीएम को भेजे खत में लिखा है- 'लॉकडाउन के बाद अंतरराज्यीय परिवहन सुविधा खोलने के पहले व्यापक विचार विमर्श और ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता है. यदि एयर सर्विस, ट्रेन या दूसरे संसाधन शुरू होंगे तो दूसरे राज्य के कोविड-19 संक्रमित छत्तीसगढ़ आ सकते हैं. यही स्थिति दूसरे राज्यों में भी हो सकती है. ऐसे में नई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.' यानी साफ है कि फिलहाल कोरोना संक्रमण का खतरा प्रदेश में बरकरार है और इसको लेकर राज्य सरकार की चिंता और चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं.

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