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'बोनस तिहार' एक ढकोसला, इसे बंद किया जाए : किसान संगठन

न्‍यूज़18/ईटीवी से चर्चा करते हुए भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष रामावतार साहू.

न्‍यूज़18/ईटीवी से चर्चा करते हुए भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष रामावतार साहू.

छत्‍तीसगढ़ में प्रदेश सरकार एक ओर 'बोनस तिहार' मना रही है, वहीं प्रदेश के कई किसान संगठन सरकार के विरोध में आ गए हैं और बोनस तिहार को ढकोसला बताते हुए इसे बंद करने की मांग कर रहे हैं.

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छत्‍तीसगढ़ में प्रदेश सरकार एक ओर 'बोनस तिहार' मना रही है, वहीं प्रदेश के कई किसान संगठन सरकार के विरोध में आ गए हैं और बोनस तिहार को ढकोसला बताते हुए इसे बंद करने की मांग कर रहे हैं.

प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने से पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों को बोनस देने की बात कही थी, साथ ही बहुत सारे वादे किए थे. यही वजह है कि प्रदेश के किसान अब आंदोलन खड़ा कर रहे हैं और राज्य सरकार से अपने ही किए वादे निभाने की बात कह रहे हैं.

सोमवार को ही भारतीय किसान संघ ने बूढ़ातालाब में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया. भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष रामावतार साहू और अन्‍य किसानों का कहना था कि वे सरकार से कुछ भी नहीं मांग रहे हैं. उनकी जो भी मांगे हैं, वो सरकार ने ही देने का वादा किया था.



किसानों का ये भी कहना है कि धान का बोनस पिछले साल का दिया जा रहा है और इस साल तो फसल बर्बाद ही हो गई है. ऐसे में किसान धान ही नहीं बेच पाएंगे तो बोनस कहां से मिलेगा. किसानों की साफ तौर पर मांग है कि 4 सालों का धान का बोनस दिया जाए. साथ ही किसानों का पूरा कर्जा भी माफ किया जाए.
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने प्रदेश में किसानों के लगातार एक के बाद एक आत्महत्या करने की बात कहते हुए सरकार से तत्काल बोनस तिहार बंद करने की मांग की है. महासंघ के संयोजक संकेत ठाकुर ने कहा कि बोनस बहुत ही आंशिक है और किसानों की समस्या उससे कुछ हल नहीं हो रही है. ऐसे में कर्ज माफी पर सभी किसान संगठन बल दे रहे हैं.
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