आंखें नम कर गए अजीत जोगी, पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज होगी अंतिम विदाई

जोगी परिवार के सदस्य इस दौरान मौजूद रहे. (Demo Pic)

अब जोगी यादों में रहेंगे, दिलों में रहेंगे, तस्वीरों में रहेंगे और राजनीति के जहन में रहेंगे क्योंकि जोगी राजनीति में न केवल सच्ची दोस्ती बल्कि पक्की दुश्मनी के लिए भी मशहूर थे.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजनीति के 'जोगी' जिंदगी की जंग हार गए. बीते शुक्रवार छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी (Ajit Jogi) का 74 साल की उम्र में निधन हो गया. अजीत जोगी छत्तीसगढ़ और भारतीय राजनीति का वह ध्रुव तारा था जो गर्दिशों में रहने के बाद भी आसमान में सबसे तेज टिमटिमाता रहा. जोगी की चमक कभी भी फीकी नहीं हुई. सत्ता संघर्ष के 17-18 साल बाद भी जोगी के चेहरे पर वह तेज, वह मुस्कान झलकती रहती थी जो उनकी पहचान बनी. जोगी कभी सार्वजनिक स्थानों पर आक्रोशित नहीं होते, वे हमेशा सूझबूझ का परिचय देते हुए माहौल के हिसाब से अपनी बात रखते थे. आज अजीत जोगी दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और छोड़ गए एक भरा पूरा परिवार, अनगिनत शुभचिंतक, दोस्त और राजनीतिक साथी.


यह अजीत जोगी के विराट व्यक्तित्व का ही प्रभाव था कि क्या कोरोना काल, क्या लॉकडाउन और क्या सोशल डिस्टेंसिंग, लोगों की भीड़ अस्पताल से लेकर उनके सागौन बंगले तक उमड़ी.  देर रात तक अंतिम दर्शन का सिलसिला जारी रहा. क्या आम, क्या खास, क्या नेता, क्या कार्यकर्ता, सभी जोगी के अंतिम दर्शन के लिए सागौन बंगला पहुंचे.


दिलों पर राज करते थे जोगी


अजीत जोगी के चले जाने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में एक बड़ा सूनापन आ गया है. जोगी ना केवल इंजीनियर, प्रोफेसर, आईपीएस बने बल्कि आईएएस, राज्यसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य, राष्ट्रीय प्रवक्ता बल्कि मुख्यमंत्री और उससे भी बढ़कर लोगों के दिलों में घर करने में सफल हुए. आज यही वजह है कि हर कोई जोगी को नम आंखों से विदाई दे रहा है. कुदरत का करिश्मा भी देख लीजिए 45-46 डिग्री तापमान के बीच जोगी के अंतिम यात्रा में आसमान भी आंसू बरसा रहा है.


आज दी जाएगी अंतिम विदाई


आज इतिहास में वह दिन बनेगा जब जोगी जैसे विशाल शख्सियत की अंतिम यात्रा निकलेगी. पूरे सम्मान के साथ सड़क मार्ग से अंतिम यात्रा राजधानी रायपुर से पहले  बिलासपुर और फिर मरवाही पहुंचेगी. अजीत जोगी आज अनंत यात्रा पर निकल पड़ेंगे और देर शाम होते होते जोगी पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे और समाप्त होगा जोगी के जीवन का अमिट अध्याय.






अब जोगी यादों में रहेंगे, दिलों में रहेंगे, तस्वीरों में रहेंगे और राजनीति के जहन में रहेंगे क्योंकि जोगी राजनीति में न केवल सच्ची दोस्ती बल्कि पक्की दुश्मनी के लिए भी मशहूर थे. आज हर कोई जोगी के अनंत यात्रा से लेकर पंचतत्व में विलीन होने तक का साक्षी बनना चाहता है. मगर समय की मजबूरियां है कि भीड़ कम ही जुटेगी.


अमित जोगी ने की अपील


कोरोना काल के इस लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग और महामारी अधिनियम के पालन के लिए अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने सभी से अपील करते हुए नियमों के पालन को सच्ची श्रद्धांजलि माना है.






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