पहले मैं हिंदी विरोधी आंदोलन से जुड़ा रहा: उपराष्ट्रपति नायडू

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा कि पहले दक्षिण में चले हिंदी विरोधी आंदोलन से मैं जुड़ा रहा, लेकिन बाद में समझ गया कि हिंदी बिना कुछ भी संभव नहीं.

News18 Chhattisgarh
Updated: May 16, 2018, 11:37 AM IST
पहले मैं हिंदी विरोधी आंदोलन से जुड़ा रहा: उपराष्ट्रपति नायडू
एम वेंकैया नायडू.
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Updated: May 16, 2018, 11:37 AM IST
देश के उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे. उपराष्ट्रपति कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आॅडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने हिंदी के महत्व के बारे में बताया.

उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने कहा कि पहले दक्षिण में चले हिंदी विरोधी आंदोलन से मैं जुड़ा रहा, लेकिन बाद में समझ गया कि हिंदी बिना कुछ भी संभव नहीं. नायडू ने कहा कि मीडिया जनता की भलाई के लिए, जनहित के लिए एजेंडा प्रस्तुत करे तो मीडिया का स्वागत करना चाहिए.

मुख्य अतिथि एम वैंकेया नायडू ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी के साथ कई साल काम किया है. इस कारण मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है. पत्रकारिता मेरा पसंदीदा है. पत्रकार मित्रों से बहुत कुछ सीखा है. हिंदी भी पत्रकार साथियों से सीखा है.
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